भारत की शिक्षा प्रणाली इस समय बेहद नाजुक मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है. सालों से चली आ रही पेन और पेपर वाला कांसेप्ट अब धीरे-धीरे सिमटती दिख रही है. हाल के दिनों में NEET UG 2026 में हो रही गड़बड़ी, धांधली और लगातार लीक ने इस बात को तो साफ कर दिया है कि ट्रेडिशनल तरीका अब भरोसेमंद नहीं रह गया है और यही कारण हैं कि केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अब फैसला लिया है कि NEET परीक्षाओं का आयोजन अगले साल से ऑनलाइन मोड में किया जाएगा. न केवल नीट बल्कि सरकार कोशिश कर रही है कि वह हर छोटी-मोटी परीक्षा का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड तरीके से करने की तैयारी में है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में कौन-कौन सी ऐसी परीक्षाएं हैं जो ऑनलाइन करवाई जाती हैं.
नीट ही नहीं, हर परीक्षा होगी डिजिटल
भारत में इंजीनियरिंग (JEE), मैनेजमेंट (CAT) और रिसर्च (UGC NET) जैसी परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन मोड में करवाई जाती हैं. लेकिन अब उन परीक्षाओं की बारी हैं जो अब भी पुराने ढर्रे पर चल रही थीं. उनमें नीट एक है. लेकिन JEE Main हो या सीयूईटी इन परीक्षाओं का आयोजन ऑनलाइन करवाया जाता है. भारत में टॉप लेवल के कॉम्पिटेटिव एग्जाम अब डिजिटल फॉर्मेट में ही किया जाता है.
जेईई मेन और एडवांस्ड
इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन परीक्षाओं में से एक है.
सीयूईटी (यूजी/पीजी)
देश की ज्यादातर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाला यह कॉमन एंट्रेंस टेस्ट भी ऑनलाइन मोड में आयोजित होता है.
कैट और गेट
मैनेजमेंट और पोस्ट-ग्रेजुएशन इंजीनियरिंग कोर्स के लिए ये परीक्षाएं सालों से ऑनलाइन मोड में होती आ रही है.
बैंकिंग और एसएससी
आईबीपीएस (IBPS) और एसएससी की सभी प्रमुख हायरिंग अब पूरी तरह सीबीटी बेस्ड होती है.
यूजीसी नेट
प्रोफेसर बनने की पात्रता परीक्षा भी अब एनटीए ऑनलाइन ही कंडक्ट कराता है.
इस लिस्ट में अगला नाम नीट परीक्षाओं का हो सकता है.
ऑनलाइन किस तरह होता है परीक्षाओं का आयोजन?
बता दें कि अक्सर स्टूडेंट्स ऑनलाइन परीक्षा को इंटरनेट परीक्षा समझ लेते हैं लेकिन वाकई में ये इससे काफी अलग होती है. परीक्षा केंद्र पर मौजूद कंप्यूटर इंटरनेट से नहीं बल्कि एक सुरक्षित लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) से जुड़े होते हैं. इससे बाहरी हैकिंग का खतरा खत्म हो जाती है. मतलब ये है कि एक ही क्लास में बैठे दो उम्मीदवारों के प्रश्न और उनके विकल्प अलग-अलग क्रम में होते हैं. यानी कि अगर आपके बगल में बैठा ए, बी, सी देख रहा है तो आपका सवाल कुछ और हो सकता है. इससे नकल की गुंजाइश शून्य हो जाती है.
सुरक्षा कारणों से भी कमाल है डिजिटल पेपर
ऑनलाइन परीक्षा में प्रश्न पत्रों को सेंटर पर लाने की जरूरत नहीं होती है. ये क्लाउड सर्वर से परीक्षा के समय ही एक्टिव होता है. इसे प्रिंटिंग प्रेस से ट्रक में भरकर ले जाने की जरूरत नहीं होती जहां पेर लीक होने का सबसे बड़ा खतरा होता है. इसके अलावा डिजिटल प्रश्न पत्रों को एन्क्रिप्टेड कोड में रखा जाता है. इसे सिर्फ एक खास समय पर ही डिजिटल की के जरिए खोला जाता है.
ऑनलाइन परीक्षा छात्रों के लिए भी होता है फायदेमंद
ऑनलाइन परीक्षा केवल सुरक्षा के कारणों से ही नहीं बल्कि छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद होती है. मान लीजिए कि आप किसी सवाल को लेकर दुविधा में हैं और ओएमआर शीट पर गोले को भर दिया तो, वह आखिरी आंसर हो जाता है लेकिन ऑनलाइन एग्जाम में आखिरी सेकंड तक अपना जवाब बदल सकते हैं. इसके अलावा अक्सर उम्मीदवार गलत जवाब भर देते हैं तो गड़बड़ी हो जाती थी लेकिन कंप्यूटर आधारित परीक्षा में कैलकुलेशन की कोई गलती नहीं होती.
आजतक एजुकेशन डेस्क