भारतीय वायुसेना (IAF) अपने पायलटों और सैन्य कमांडरों को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए एक अत्याधुनिक सिमुलेटर खरीदने जा रही है. इस सिस्टम का नाम अग्नि (AGNI) है, जिसका पूरा नाम Air Combat, Ground Planning and Network Integrated है. यह मल्टी-डोमेन कॉम्बैट सिमुलेटर राफेल, सुखोई-30MKI और अन्य फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों के पायलटों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्त युद्ध अभ्यास के लिए भी इस्तेमाल होगा.
अग्नि एक बेहद एडवांस ट्रेनिंग सिस्टम है जो वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों को सिमुलेट करेगी. यह सिस्टम फाइटर जेट्स, ड्रोन और मिसाइलों को एक रीयल-टाइम नेटवर्क पर जोड़कर काम करेगा. इसमें वर्चुअल रियलिटी (VR), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पायलट हवा, जमीन और समुद्र - तीनों मोर्चों पर होने वाले युद्ध का प्रशिक्षण एक साथ ले सकेंगे. यह पारंपरिक सिंगल-प्लेटफॉर्म सिमुलेटर से कहीं ज्यादा एडवांस्ड होगा.
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कैसे काम करेगा अग्नि?
इस सिमुलेटर में चार एडवांस्ड कॉकपिट सिमुलेटर होंगे, जो भारतीय वायुसेना के मुख्य विमानों - सुखोई-30MKI, मिराज 2000 और राफेल पर आधारित होंगे. पायलट इनमें बैठकर वास्तविक उड़ान जैसा अनुभव प्राप्त करेंगे. इसमें मोशन-बेस्ड फीडबैक तकनीक लगी होगी, जो टेक-ऑफ, हाई-जी टर्न और हथियार छोड़ने की स्थितियों को बिल्कुल असली जैसा महसूस कराएगी.
सिस्टम दुश्मन के विमानों को भी सिमुलेट कर सकेगा, जैसे अमेरिका के F-16, F-22 और चीन के J-10 व J-11 फाइटर जेट्स. पायलट एक ही स्क्रीन पर सैकड़ों लक्ष्यों को ट्रैक करते हुए एयर डिफेंस कंट्रोलर के साथ समन्वय कर सकेंगे.
अग्नि सिमुलेटर रात के अंधेरे, कोहरे, बारिश, कम दृश्यता और घने बादलों जैसी चुनौतीपूर्ण मौसम स्थितियों में भी प्रशिक्षण दे सकेगा. इससे पायलट बिना असली जोखिम उठाए वास्तविक युद्ध के लिए तैयार हो सकेंगे.
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रणनीतिक महत्व
आधुनिक युद्ध अब मल्टी-डोमेन युद्ध (Air, Land, Sea, Cyber और Space) हो गए हैं. अग्नि सिमुलेटर तीनों सेनाओं को एक नेटवर्क पर जोड़कर संयुक्त अभ्यास की क्षमता बढ़ाएगा. वायुसेना ने इसके लिए RFP (Request for Proposal) जारी कर दिया है. यह सिस्टम भारतीय सशस्त्र बलों की लड़ाकू तैयारियों को नई ऊंचाई देगा. पायलटों को भविष्य के जटिल युद्धों के लिए बेहतर प्रशिक्षित करेगा.
यह स्वदेशी और विदेशी तकनीक का बेहतरीन मिश्रण होगा, जो भारत को मजबूत वायुसेना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. अग्नि के शामिल होने के बाद भारतीय पायलट दुश्मन की किसी भी रणनीति का मुकाबला करने के लिए और अधिक तैयार होंगे.
शिवानी शर्मा