20 साल में 11 हादसों में 7 चीन के विमान, 30 साल में 27 क्रैश... चीन पर भरोसे का बांग्लादेश को कितना नुकसान

ढाका का F-7 BGI क्रैश एक दुखद हादसा है, जिसने चीनी फाइटर जेट्स की विश्वसनीयता और ढाका जैसे घने शहरों में ट्रेनिंग उड़ानों के खतरों को उजागर किया है. 30 साल में 27 क्रैश और खासकर चीनी जेट्स की बार-बार नाकामी BAF के लिए खतरे की घंटी है.

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माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज कैंपस में गिरा F-7 फाइटर जेट. (File Photo: Reuters) माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज कैंपस में गिरा F-7 फाइटर जेट. (File Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 11:02 AM IST

21 जुलाई 2025 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक दर्दनाक हादसा हुआ. बांग्लादेश वायुसेना (BAF) का F-7 BGI ट्रेनिंग जेट माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज में क्रैश हो गया, जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. 171 लोग घायल हुए. इस जेट को चीन ने बनाया था.

ये हादसा बांग्लादेश के इतिहास में सबसे भयानक विमान दुर्घटनाओं में से एक है. पिछले 30 साल में BAF के 27 विमान क्रैश हो चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर चीनी जेट्स थे. आइए, समझते हैं कि ये हादसा क्यों हुआ. F-7 जेट क्या है. चीनी जेट्स का अतिक्रमण इसकी वजह कैसे बन रहे हैं.

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क्या हुआ ढाका में?

21 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1:06 बजे, BAF का F-7 BGI ट्रेनिंग जेट ढाका के उत्तरा इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के कैंपस में क्रैश हो गया. ये जेट AK खानदाकर एयर फोर्स बेस से ट्रेनिंग मिशन के लिए उड़ा था, लेकिन 12 मिनट बाद ही तकनीकी खराबी (मैकेनिकल फेल्यर) की वजह से नीचे आ गिरा. जेट कॉलेज के दो मंजिला भवन से टकराया, जिससे आग लग गई और धुआं फैल गया.

इस हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट तौकीर इस्लाम सागर, जो अपनी पहली सोलो फ्लाइट पर थे, सहित 25 लोग मारे गए. इनमें ज्यादातर बच्चे थे, क्योंकि स्कूल में उस वक्त क्लास चल रही थी. 171 लोग घायल हुए, जिनमें से 25 की हालत गंभीर है.

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घायलों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी और कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) में ले जाया गया. बांग्लादेश फायर सर्विस, सेना और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

बांग्लादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस ने इसे राष्ट्रीय दुख का पल बताया और जांच का वादा किया.  मंगलवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया गया. झंडे आधे झुके रहे. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया और मदद की पेशकश की.

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30 साल में 27 क्रैश: चीनी जेट्स पर सवाल

पिछले 30 साल में BAF के 27 विमान क्रैश हुए हैं, जिनमें से पिछले दो दशकों की 11 दुर्घटनाओं में 7 चीनी जेट्स (F-7MB, F-7BG, FT-7, PT-6), 3 रूसी (याक-130) और 1 चेक (L-39) शामिल हैं. ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी जेट्स की खराबी इन हादसों की बड़ी वजह है. कुछ बड़े हादसे...

  • 9 मई 2024: याक-130 (रूसी) चटगांव में क्रैश, पायलट असीम जवाद की मौत.
  • 23 नवंबर 2018: F-7BG (चीनी) टंगाइल में क्रैश, विंग कमांडर अरिफ अहमद दीपू की मौत.
  • 1 जुलाई 2018: K-8W (चीनी-पाकिस्तानी) जेसोर में क्रैश, दो पायलट मरे.
  • 29 जून 2015: F-7MB (चीनी) बंगाल की खाड़ी में गायब, फ्लाइट लेफ्टिनेंट तहमिद लापता.
  • 8 अप्रैल 2008: F-7 (चीनी) घाटाइल में क्रैश, स्क्वाड्रन लीडर मोर्शेद हसन की मौत.

क्या चीनी जेट्स ही दोषी हैं?

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एक पूर्व BAF अधिकारी ने ढाका ट्रिब्यून को बताया कि चीनी जेट्स की पुरानी तकनीक और खराब रखरखाव हादसों की बड़ी वजह हैं. F-7 का डिजाइन मिग-21 पर आधारित है, जो 50 साल पुराना है. इसमें आधुनिक सुरक्षा सिस्टम की कमी है. इंजन व एवियोनिक्स में बार-बार खराबी आती है.

भारत-पाकिस्तान के ऑपरेशन सिंदूर में भी पाकिस्तान के F-7 जेट्स ने खराब प्रदर्शन किया. उनकी PL-15 मिसाइल्स भी नाकाम रहीं. इससे चीनी हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं.

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शहरी अतिक्रमण: खतरे की जड़

हादसा ढाका के उत्तरा इलाके में हुआ, जो 2 करोड़ की आबादी वाला घनी बस्ती वाला क्षेत्र है. माइलस्टोन स्कूल में 2000 बच्चे पढ़ते हैं. क्रैश दोपहर में हुआ, जब क्लास चल रही थी. एक रिटायर्ड एयर फोर्स अधिकारी ने बताया कि जेट लैंडिंग के लिए मिडल मार्कर लाइन पर था, लेकिन पास का इलाका पहले खाली नहर था, जो अब बस्ती बन चुका है.

समस्या

  • 8-नॉटिकल मील का फ्री फ्लाई जोन जरूरी है, लेकिन उत्तरा में ऊंची इमारतें और बस्तियां इसे मुश्किल बनाती हैं.
  • सैन्य ठिकानों के आसपास बढ़ता शहरीकरण (अर्बन एन्क्रोचमेंट) ट्रेनिंग उड़ानों को खतरनाक बनाता है.

पायलट तौकीर ने जेट को घनी आबादी से दूर ले जाने की कोशिश की, लेकिन वो नाकाम रहे. अगर ये नियम फॉलो होते, तो शायद हादसा टल सकता था.

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हादसे की वजहें: विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों ने हादसे की कई वजहें गिनाई हैं...

  • चीनी जेट्स की खराबी: F-7 BGI में पुराना डिजाइन, इंजन की समस्या और कमजोर एवियोनिक्स हादसों का कारण हैं. 11 में से 7 क्रैश चीनी जेट्स थे.
  • रखरखाव की कमी: पुराने जेट्स को बार-बार मेंटेनेंस चाहिए, लेकिन BAF के पास संसाधनों की कमी है.
  • पायलट की गलती: तौकीर की ये पहली सोलो फ्लाइट थी. अनुभव की कमी भी एक वजह हो सकती है.
  • शहरी अतिक्रमण: ढाका जैसे घने शहर में ट्रेनिंग उड़ानें खतरनाक हैं. बस्तियों ने फ्लाई जोन को घेर लिया है.
  • पक्षी टकराना (बर्ड स्ट्राइक): कई पुराने हादसों में पक्षियों से टकराने की बात सामने आई थी.

BAF ने एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है, जो हादसे की असल वजह ढूंढेगी.

बांग्लादेश वायुसेना की हालत

BAF की ताकत सीमित है. ये ज्यादातर सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा पर फोकस करती है. इसके पास करीब 40 F-7 जेट्स (F-7MB, F-7BG, F-7BGI) और कुछ मिग-29 और याक-130 हैं. Forces Goal 2030 के तहत BAF अपनी ताकत बढ़ा रही है, लेकिन...

  • पुराने जेट्स: F-7 जैसे जेट्स सस्ते हैं, लेकिन आधुनिक युद्ध के लिए कमजोर हैं.
  • चीन पर निर्भरता: BAF के ज्यादातर जेट्स चीन से हैं, जो सस्ते तो हैं, लेकिन विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं.
  • नए जेट्स की जरूरत: BAF J-10C या यूरोपियन टाइफून जैसे जेट्स लाने की योजना बना रही है.

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हादसे का असर

इस हादसे ने कई सवाल खड़े किए हैं...

  • सुरक्षा नियमों की अनदेखी: ढाका जैसे घने शहर में ट्रेनिंग उड़ानें क्यों हो रही हैं? सैन्य ठिकानों के पास बस्तियों को रोकने के लिए सख्त नियम चाहिए.
  • चीनी हथियारों पर सवाल: बार-बार क्रैश होने से चीनी जेट्स की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. इससे बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों का भरोसा टूट सकता है.
  • मानवीय नुकसान: 17 बच्चों सहित 25 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया. घायल बच्चों को देखकर माता-पिता का दर्द दिल दहला देने वाला है.
  • जियोपॉलिटिकल प्रभाव: भारत ने मदद की पेशकश की, लेकिन ये हादसा चीनी हथियारों की कमजोरी को उजागर करता है, जो भारत के लिए भी चिंता का विषय है.
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