रिटायर्ड साइंटिस्ट की संदिग्ध मौत, 10 दिनों से शव के साथ रह रहे थे भाई-बहन

दुर्गंध इतनी तेज थी कि पुलिस ने घर में घुसने से पहले खिड़की का कुछ हिस्सा तोड़कर स्प्रे किया और फिर पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए. इस दौरान सूद की बहन कमला ने पुलिस के अंदर घुसने का विरोध किया. सूद का शव कमरे में बेड पर पड़ा था. शव पर से खाल गायब हो चुकी थी. शव को शायद कीड़े-मकोड़े ने भी खाया हो.

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इसी फोल्डिंग पलंग पर पड़ा था शव इसी फोल्डिंग पलंग पर पड़ा था शव

पुनीत शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

दिल्ली के डेसू कॉलोनी में एक रिटायर्ड साइंटिस्ट की लाश मिलने से सनसनी मच गई. उनका शव घर से सड़ी-गली हालत में मिला. पुलिस का मानना है कि 8 से 10 दिन पहले उनकी मौत हुई है. साइंटिस्ट के भाई-बहन शव के साथ घर में रह रहे थे. उन्होंने किसी को इस बारे में नहीं बताया था.

मृतक साइंटिस्ट का नाम यशवीर सूद (64 साल) था. पूसा इंस्टीट्यूट में न्यूक्लियर में वह प्रिंसिपल साइंटिस्ट थे. पुलिस ने बताया कि फील्ड ऑफिसर सोनू को डेसू कॉलोनी के बी-1 क्वॉर्टर से काफी तेज दुर्गंध आई. किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने फौरन पुलिस को इसकी सूचना दी.

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दुर्गंध इतनी तेज थी कि पुलिस ने घर में घुसने से पहले खिड़की का कुछ हिस्सा तोड़कर स्प्रे किया और फिर पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए. इस दौरान सूद की बहन कमला ने पुलिस के अंदर घुसने का विरोध किया. सूद का शव कमरे में बेड पर पड़ा था. शव पर से खाल गायब हो चुकी थी. शव को शायद कीड़े-मकोड़े ने भी खाया हो.

घर के अंदर बहुत गंदगी थी. ऐसा लग रहा था कि महीनों से घर की सफाई नहीं हुई है. पुलिस ने बताया कि सूद की बड़ी बहन कमला और छोटा भाई हरीश से कमजोर हैं. पुलिस ने उनका इलाज कराने के लिए नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली स्थित एक सेंटर में दाखिल कराया है. पुलिस सूद के अन्य परिजनों के बारे में पता लगा रही है.

बताते चलें कि सूद 31 मार्च, 2015 को इंस्टीट्यूट से रिटायर हुए थे. इसके बाद तीनों भाई-बहन कुछ समय तक पूसा कैंपस के ई-54 में रहे थे. बाद में उन्हें डेसू कॉलोनी में एक जर्जर से कमरे में शिफ्ट करा दिया गया था. इसी कमरे में यशवीर सूद की लाश मिली.

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