रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीन दंपत्ति से किया बच्चा चोरी

'मेरे बेटे रितिक को लौटा दो. वो हमारे बुढ़ापे की लाठी है. हम आपको कुछ नहीं कहेंगे. हमारे बेटे को किसी मंदिर, मस्जिद या गुरूद्वारे पर छोड़ दो. हमारी आंखों की वही रौशनी है. हमें देखकर तरस खाओ.' ये गुहार है उस अंधे मां-बाप की जिसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है.

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घटी घटना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घटी घटना

मुकेश कुमार / राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

'मेरे बेटे रितिक को लौटा दो. वो हमारे बुढ़ापे की लाठी है. हम आपको कुछ नहीं कहेंगे. हमारे बेटे को किसी मंदिर, मस्जिद या गुरूद्वारे पर छोड़ दो. हमारी आंखों की वही रौशनी है. हमें देखकर तरस खाओ.' ये गुहार है उस अंधे मां-बाप की जिसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है. इस नेत्रहीन मां ने देश की जनता से गुहार लगाई है कि उनके सहारे को उस तक पहुंचाने में उनकी मदद करें. पुलिस भी अपहरण का केस दर्ज करके बच्चे की तलाश कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, 15 सितंबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4-5 पर रितिक के माता-पिता आशाराम और लक्ष्मी बैठे हुए थे. रितिक उस समय उनके पास ही था. आरोपी महिला ने पहले उनसे जान पहचान बढ़ाई. उसे जब यकीन हो गया कि वे नेत्रहीन है, तो वह रितिक को बहाने से ले गई. इसके बाद रितिक के माता-पिता उस महिला और अपने बेटे का इंतजार करते रहे, लेकिन दोनों में से कोई नहीं आया. इसके बाद दोनों रोने लगे.

उन्हें रोता देख लोगों ने रेलवे पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने मामले की जानकारी के तुरंत बाद रितिक के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी. रितिक का फोटो लेकर जिपनेट और अन्य थानों में भिजवाकर उसको तलाशने की कोशिश की गई. पुलिस ने स्टेशन पर लगे 173 कैमरों की फुटेज को एक एक करके देखा गया तो 6 कैमरों में उस महिला की तस्वीरें पुलिस के हाथ आई. इन कैमरों से पुलिस ने उस महिला की हर एक हरकत को देखा.

की 10 टीमें लगातार आरोपी महिला की तलाश में सवा महीने से दिल्ली और अन्य राज्यों में लगातार दबिश कर रही है. पुलिस को शक है कि महिला किन्नर भी हो सकती. इसलिए किन्नरों के ठिकाने में भी दबिश दी जा रही है. पुलिस ने पूरे देश के हर में रितिक की गुमशुदगी की सूचना और तस्वीरों के साथ 50 हजार के इनाम की भी घोषणा कर दी. सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जा रहा है. मां-बार आस लगाए बैठे हुए हैं.

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