Crime Katha: समलैंगिक रिश्ते में अड़चन बना पति, सुपारी देकर पत्नी ने करा दिया मर्डर, दिल दहला देगी कत्ल की ये वारदात

यूपी के फतेहपुर जिले से कत्ल और साजिश की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. जहां एक पत्नी और उसकी लेस्बियन पार्टनर ने सुपारी देकर पति की हत्या करा दी. पुलिस की जांच में रिश्तों और साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ. पढ़ें इस वारदात का पूरा सच.

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कातिल बीवी रेनू देवी अब सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है (फोटो-ITG) कातिल बीवी रेनू देवी अब सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है (फोटो-ITG)

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली/फतेहपुर,
  • 21 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:13 AM IST

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले का असोथर थाना क्षेत्र आमतौर पर शांत माना जाता है, लेकिन 14 जनवरी की सुबह इलाके के टिकर गांव में ऐसा मंजर सामने आया, जिससे हड़कंप मच गया. अरहर के खेत में पड़े एक शव ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी. खेत में फैली खून की लकीरें बता रही थीं कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है. पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की हालत देखकर साफ हो गया कि मामला साधारण नहीं है. गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और हर कोई इस वारदात के पीछे की वजह जानना चाहता था.

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खेत से मिली थी राम सुमेर सिंह की लाश
अब पुलिस का पहला काम था लाश की शिनाख्त करना. लिहाजा, पुलिस ने शव की पहचान 45 वर्षीय राम सुमेर सिंह के रूप में की. पुलिस पाया कि उसका गला रेत दिया गया था, जिससे साफ था कि हत्यारे किसी भी कीमत पर उसकी जान लेना चाहते थे, लाश 14 जनवरी की सुबह बरामद हुई थी, लेकिन हत्या एक रात पहले ही हो चुकी थी. मौका-ए-वारदात से कोई ठोस सुराग न मिलने के कारण शुरुआती जांच में पुलिस भी उलझन में थी. हालांकि, कत्ल करने के बेरहम तरीके ने अफसरों को गहन तफ्तीश के लिए मजबूर कर दिया.

बयानों और CDR ने बदली जांच की दिशा
इस हत्याकांड की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की नजर सबसे पहले मृतक के घर और उसके पारिवारिक संबंधों पर गई. राम सुमेर की पत्नी रेनू देवी के व्यवहार में कुछ असामान्य बातें सामने आईं. पुलिस को पता चला कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था. उनके रिश्ते अच्छे नहीं थे. इसके बाद गांव वालों के बयानों और रेनू की कॉल डिटेल्स ने जांच की दिशा ही बदल दी. धीरे-धीरे शक की सुई घर की दहलीज तक पहुंचने लगी.

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रेनू को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मरने वाले राम सुमेर की पत्नी 35 वर्षीय रेनू देवी पिछले करीब 18 महीनों से मालती देवी उर्फ बुध्धी के साथ रिलेशनशिप में थी. यह रिश्ता सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों के बीच समलैंगिक संबंध थे. राम सुमेर सिंह को उन दोनों के इस बेमेल रिश्ते का पता चल चुका था. वो इसका विरोध करता था और दोनों महिलाओं को मिलने से रोकता था. बस यही बात धीरे-धीरे घर में झगड़ों और तनाव का कारण बन गई.

ऐसे रची गई खूनी साजिश
पति की रोक-टोक और दबाव से परेशान रेनू परेशान थी. वो मालती से मिल नहीं पाती थी. दोनों एक दूसरे के लिए तड़पते थे. इसी वजह से उन दोनों ने एक खौफनाक रास्ता चुन लिया. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने तय कर लिया कि अगर राम सुमेर रास्ते से हट जाए तो उनकी जिंदगी आसान हो जाएगी. यहीं से हत्या की साजिश ने आकार लेना शुरू किया. फिर दोनों ने बातों-बातों में सुपारी किलर तक पहुंचने की योजना बनाई. यही फैसला आगे चलकर एक खूनी वारदात की शक्ल में बदल गया.

सुपारी किलर से हुआ सौदा
प्लान के मुताबिक, मालती देवी ने अपने परिचित एक ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी से संपर्क किया. दोनों की बातचीत में 60 हजार रुपये में हत्या की सुपारी तय हुई. जिसके चलते 8 हजार रुपये एडवांस के तौर पर जितेंद्र को दिए गए, जबकि बाकी रकम हत्या के बाद देने का वादा किया गया. जितेंद्र ने अपने दो साथियों राजू सोनकर और राम प्रकाश उर्फ मड्डू को भी इस साजिश में शामिल कर लिया. अब उन्हें बस सही मौके के इंतजार था.

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पहले रस्सी से गला घोंटा, फिर काट दिया
वो 13 जनवरी की रात थी. साजिश के तहत राम सुमेर सिंह को बहाने से उसी के खेत में बुलाया गया. उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है. खेत में पहले से मौजूद जितेंद्र और उसके साथी तैयार बैठे थे. मौका मिलते ही उन्होंने रस्सी से राम सुमेर का गला घोंट दिया. जब वह बेसुध हो गया तो कातिलों ने चाकू से उसका गला रेत दिया गया, ताकि उसकी मौत पक्की हो जाए. मौके पर खून ही खून था. खेत की जमीन का वो हिस्सा लाल हो गया था, जहां जितेंद्र गिर चुका था.

लाश को खेत में छोड़कर भागे आरोपी
कातिल अपना काम कर चुके थे. कत्ल के बाद आरोपियों ने राम सुमेर की लाश को वहीं खेत में छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. उन्हें लगा कि यह वारदात एक किसी ब्लाइंड मर्डर की तरह दब जाएगी. लेकिन गांव का सन्नाटा ज्यादा देर तक इस राज को छिपा नहीं सका. सुबह होते ही राम सुमेर की लाश मिलने की खबर आग तरह फैल गई और मामला पुलिस तक जा पहुंचा. पुलिस हरकत में आ चुकी थी.

पुलिस की तफ्तीश में खुला राज
मामला जिले के आला पुलिस अफसरों तक भी पहुंचा. इसके बाद फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अनूप कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई. जिसने मामले की परतें खोलनी शुरू कीं. मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, बयानों और तकनीकी सबूतों ने इस खूनी साजिश की पूरी कहानी बेपर्दा कर दी. इसके बाद पुलिस ने रेनू देवी और मालती देवी को हिरासत में लिया और पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ. पुलिस के सामने दोनों टूट गईं और सच उगल दिया. उन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने राजू सोनकर को भी गिरफ्तार कर लिया. अब केस खुल चुका था. कातिल और साजिश सामने थे.

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आरोपियों के कब्जे से मिला ये सामान
इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी भी बरामद की. हालांकि, हत्या में इस्तेमाल चाकू और राम सुमेर का मोबाइल फोन अभी तक पुलिस को नहीं मिल सका. पुलिस का मानना है कि फरार आरोपियों के पकड़े जाने पर ये सबूत भी सामने आ सकते हैं. पुलिस सबूतों को तलाश कर रही है.

फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश
हालांकि इस कत्ल का मुख्य सुपारी किलर जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी और राम प्रकाश उर्फ मड्डू अभी फरार हैं. उन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ने का दावा किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि इस केस में कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा.

खूनी साजिश पर कानून का शिकंजा
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों में पनपती नफरत और गलत फैसलों की खौफनाक मिसाल है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. फतेहपुर की यह वारदात एक बार फिर साबित करती है कि जब रिश्ते जुर्म में बदल जाते हैं, तो अंजाम बेहद दर्दनाक होता है.

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