महाराष्ट्र में नासिक के TCS से जुड़े BPO में चल रहे यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण के मामले में अब अजमेर कनेक्शन भी सामने आया है. जिसका खुलासा इस केस की छठी पीड़िता ने किया है, जो एक सीनियर कर्मचारी है. उसने न सिर्फ आरोपियों पर आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाया है, बल्कि कंपनी के टॉप मैनेजमेंट पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने बताया कि उसे अजमेर के एक मौलवी से मिलने के लिए कहा जाता था.
छठी पीड़िता पिछले 11 वर्षों से इस बीपीओ में काम कर रही है और पिछले 7 साल से नासिक यूनिट में टीम लीडर के रूप में कार्यरत है. फिलहाल वह ऑपरेशंस डिवीजन में 27 कर्मचारियों की टीम संभाल रही है. इतने लंबे अनुभव के बावजूद, उसने दावा किया कि उसे भी उसी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जैसा अन्य कर्मचारियों ने पहले बताया था. उसके मुताबिक, यह कोई एक बार की घटना नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही समस्या है.
पीड़िता ने फरवरी 2026 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक आरोपी तौसीफ अत्तार उससे लंच ब्रेक के दौरान मिला और उसकी तबीयत के बारे में पूछा. जब उसने बताया कि हाल ही में उसका गर्भपात हुआ है और वह अस्वस्थ है, तो आरोपी ने बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणियां कीं. यह घटना उसके लिए बेहद दर्दनाक और अपमानजनक थी.
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने न सिर्फ उसकी निजी स्थिति का मजाक उड़ाया बल्कि उसे अजमेर के एक मौलवी से मिलने की सलाह दी. उसने कहा कि वहां जाने से उसे संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलेगा. इस तरह की बातें सुनकर पीड़िता बेहद आहत हुई, क्योंकि वह पहले से ही मानसिक और शारीरिक आघात से गुजर रही थी.
पीड़िता ने बताया कि आरोपी तौसीफ अत्तार बार-बार उसे अजीब तरीके से घूरता था, जिससे वह असहज महसूस करती थी. मीटिंग्स के दौरान भी उसका व्यवहार अनुचित रहता था. उसने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का व्यवहार नहीं था, बल्कि कई आरोपी इसी तरह की हरकतों में शामिल थे. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसकी शादीशुदा जिंदगी और बच्चे न होने को लेकर बार-बार टिप्पणी करते थे. इससे उसे गहरी मानसिक पीड़ा हुई.
पीड़िता ने कई बार इन बातों को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी बार-बार उसी विषय को उठाते रहे. उसने बताया कि वह आरोपियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी और आसिफ अंसारी को व्यक्तिगत रूप से जानती है. इन सभी पर उसने अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है. उसके मुताबिक, यह समूह मिलकर काम करता था और खासतौर पर अन्य धार्मिक समुदाय के कर्मचारियों को निशाना बनाता था.
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि यह समूह अक्सर धार्मिक मान्यताओं और मूर्तियों पर अपमानजनक टिप्पणियां करता था. इसके अलावा महिला कर्मचारियों को घूरना, अश्लील इशारे करना और अभद्र व्यवहार करना इनके रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा था. इससे ऑफिस का माहौल बेहद असुरक्षित हो गया था. उसने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई.
पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों को सिर्फ एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे उनका व्यवहार जारी रहा. इससे कर्मचारियों का भरोसा कंपनी पर से उठता गया. पीड़िता ने बताया कि कई महिला कर्मचारियों ने शफी शेख के खिलाफ वरिष्ठ प्रबंधन से मौखिक शिकायतें की थीं. इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए और उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहा.
पीड़िता ने 2022 की एक घटना का जिक्र किया, जब एक मीटिंग के दौरान शफी शेख उसे घूर रहा था. उसने कहा कि वह उसकी छाती की ओर लगातार देख रहा था और अजीब तरीके से मुस्कुरा रहा था. यह देखकर वह इतनी असहज हो गई कि उसे मीटिंग छोड़कर बाहर जाना पड़ा. इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है. अब तक इस पूरे मामले में कुल 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं. इस केस की जांच SIT कर रही है.
SIT इस मामले में यौन उत्पीड़न, कथित जबरन धर्मांतरण, धार्मिक भावनाएं आहत करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोपों की जांच कर रही है. अब तक इस केस में 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में यह भी सामने आया है कि 18 से 25 साल की युवा महिला कर्मचारियों को खासतौर पर निशाना बनाया जाता था.
पहले की रिपोर्ट्स में भी यह आरोप लगे थे कि 7-8 लोगों का एक समूह लगातार कर्मचारियों को परेशान करता था और उन पर धार्मिक व व्यक्तिगत दबाव डालता था. इस पूरे मामले में अजमेर कनेक्शन सामने आने से नया मोड आ गया है, जहां पीड़िताओं को एक मौलवी से मिलने के लिए कहा गया. इसे लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कर्मचारियों पर किसी खास धार्मिक मान्यता को अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था.
वहीं, TCS ने अपने बयान में कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है. यह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है.
दिव्येश सिंह