पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली गैंग के एक सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को गाजियाबाद पुलिस ने फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. नौशाद गांव नचौली में एक साल पहले खुले पेट्रोल पंप पर तीन महीने से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था. अभी तक इसमें गैंग के सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
पुलिस ने नौशाद के अलावा मीरा निवासी मथुरा को अरेस्ट किया है. एक आरोपी नाबालिग है. तीनों ने बताया कि सुहेल ने ही हमें ग्रुप में जोड़ा था. पुलिस के मुताबिक यह रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के फोटो वीडियो व्हाट्सएस ग्रुपों में पाकिस्तान भेजते थे. एक फोटो के इनकों 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे.
पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी
जानकारी के अनुसार करीब तीन महीने पहले ही गांव नचौली स्थित खुले एक पेंट्रोल पंप पर नौशाद ने पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी. नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है. गाजियाबाद पुलिस 18 मार्च को गिरफ्तार करने पहुंची थी. पुलिस ने जब पेट्रोल पंप कर्मचारियों से नौशाद अली नामक शख्स के बारे में पूछा तो पता चला कि पंचर की दुकाने लगाने वाले शख्स का नाम नौशाद अली उर्फ लालू है. जिसके बाद पुलिस उसको पकड़ कर ले गई. पुलिस ने इस दौरान उसका मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया.
पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व मैनेजर रविन्द्र ने नौशाद की पंचर बनाने की दुकान खुलवाई थी. पुलिस की जांच में सामने आया है कि पेट्रोल पंप मैनेजर रविंदर ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान करने वाले मुमताज से संपर्क किया. जिसके बाद मुमताज ने नौशाद को संपर्क कर कोलकाता से वापस बुला लिया और उसकी पंचर की दुकान गांव नचौली के पंप पर खुलवा दी.
दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र के अंतर्गत हरचंदा गांव के रहने वाले है.
यहां काम करने वाले संतोष नामक कर्मचारी ने बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद के रहने वाले शिवशांत प्रसाद गुप्ता ने एक साल पहले खोला है. शुरू में लगा था कि पुलिस उसे किसी चोरी या झपटमारी जैसे मामले में पकड़कर ले गई है. इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया. रविवार को जब पुलिस पहुंची तो बताया कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा है, यह जानकर उन्हें हैरत हुई
दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगाए
गाजियाबाद पुलिस की जांच में पता चला कि ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे. इस गैंग का देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने का प्लान था. दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा भी दिए थे.
सचिन गौड़