केरल के तिरुवनंतपुरम में सबरीमाला सोना चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने भगवान अयप्पा मंदिर के मुख्य पुजारी कंदारारू राजीव को गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद मामला गंभीर हो गया है, क्योंकि जांच की जद अब मंदिर से जुड़े शीर्ष पदों तक पहुंच चुकी है.
केरल के DGP रावदा चंद्रशेखर ने गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है. यह जांच हाई कोर्ट की देखरेख में हो रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि SIT पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है और जो भी सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
DGP ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के बयान का इंतजार किया जा रहा है. SIT ऑफिस से जुड़े विजुअल्स देखे जाएंगे और उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी. SIT ने शुक्रवार को मुख्य पुजारी कंदारारू राजीव से सुबह एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की थी. इसके बाद उन्हें SIT ऑफिस लाया गया.
यहां उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की गई. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पद्मकुमार के बयानों के आधार पर की गई है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि कंदारारू राजीव के उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ करीबी संबंध थे.
SIT को यह भी पता चला कि कंदारारू राजीव ने मंदिर में द्वारपालक की प्लेटों और श्रीकोविल के दरवाजे की चौखट की प्लेटों पर दोबारा सोने की परत चढ़ाने की सिफारिश की थी. इसके बाद में जब त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने इसके लिए अनुमति मांगी, तो उन्होंने अपनी मंजूरी दे दी थी.
पुलिस के अनुसार, जांच के सिलसिले में कंदारारू राजीव से पहले भी पूछताछ हो चुकी थी. केरल हाई कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच में यह 11वीं गिरफ्तारी है. अब इस हाई प्रोफाइल मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है. SIT इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
aajtak.in