महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक अज्ञात शव मिलने से शुरू हुआ मर्डर केस का मामला अब पुलिस ने सुलझा लिया है. नवी मुंबई पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, जिससे मामला और जटिल हो गया था, लेकिन पुलिस की मेहनत से इस हत्याकांड का सच सामने आ गया.
यह पूरा मामला महाराष्ट्र पुलिस के अंतर्गत आने वाले नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय का है, जहां एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या का केस दर्ज किया गया था. यह मामला सीबीडी बेलापुर पुलिस थाने के अंतर्गत आया था. शव मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना थी. बिना पहचान के केस को आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा था. लेकिन पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लिया और जांच को आगे बढ़ाया. इस केस को सुलझाने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया.
जांच के शुरुआती चरण में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था. ऐसे में तकनीकी जांच का सहारा लिया गया. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया. इसके साथ ही मुखबिरों का नेटवर्क भी सक्रिय किया गया. धीरे-धीरे पुलिस को कुछ अहम सुराग मिलने लगे, जिससे जांच की दिशा साफ होने लगी. इन सुरागों ने पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने में मदद की.
मिले हुए सुरागों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया. दोनों से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के बाद केस की गुत्थी लगभग सुलझ गई.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमाग छन्नूलाल धुर्वे (29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नवी मुंबई में रहता है और मूल रूप से अमरावती का निवासी है. दूसरा आरोपी अरविंद बोला कटकम उर्फ राजा (35 वर्ष) है, जो पुणे का रहने वाला है. दोनों आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहे थे ताकि पुलिस से बच सकें. लेकिन पुलिस की तकनीकी निगरानी से वे ज्यादा समय तक बच नहीं पाए.
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या आपसी विवाद के चलते की गई थी. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने हत्या जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दे दिया. घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे और अलग-अलग ठिकानों पर छिपे हुए थे. पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर उन्हें दबोच लिया. इस तरह एक जटिल केस का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ.
इस पूरे ऑपरेशन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में सीबीडी बेलापुर पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई है. टीम ने दिन-रात मेहनत कर केस की कड़ियों को जोड़ा और आरोपियों तक पहुंची. तकनीकी संसाधनों और मानव खुफिया जानकारी का सही इस्तेमाल इस केस को सुलझाने में बेहद अहम साबित हुआ. पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है.
फिलहाल, पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित एंगल की भी पड़ताल की जा रही है. नवी मुंबई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. इससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है. पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसे मामलों को जल्द सुलझाया जा सकता है.
दीपेश त्रिपाठी