बीवी के आशिक के सीने में घोंपा था चाकू, टैटू आर्टिस्ट ने दो भाइयों के साथ मिलकर की हत्या

मुख्य आरोपी टैटू आर्टिस्ट दीपक ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने बताया कि मृतक जतिन के उसकी पत्नी के नाजायज संबंध थे. दोनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उन दोनों के शादी करने की बात पता चलने पर जतिन की हत्या की प्लानिंग की गई. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:41 PM IST

दिल्ली के पहाड़गंज में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी टैटू आर्टिस्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. मुख्य आरोपी दीपक उर्फ ​​सौरभ उर्फ ​​हेमंत ने खुलासा किया कि मृतक जतिन के उसकी पत्नी के नाजायज संबंध थे. उसने अपनी पत्नी और मृतक जतिन को अपने रिश्ते खत्म करने के लिए बहुत समझाया, लेकिन जतिन नही माना. 

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इसी बीच दीपक को पता चला कि मृतक जतिन उसकी पत्नी से शादी करने जा रहा है. इसके बाद अपने दो भाइयों के साथ मिलकर उसने जतिन की हत्या का प्लान बनाया. इसी बीच 27/28 जनवरी की दरम्यानी रात उन्हें पता चला कि मृतक जतिन चिनोट भवन में एक शादी समारोह में मौजूद है.  

जतिन के बाहर निकलने का किया इंतजार  

प्लान के मुताबिक, दीपक अपने भाई अक्षय और चचेरे भाई रजनीकांत उर्फ ​​कटरू के साथ स्कूटी पर शादी स्थल के पास आया. इसके बाद जतिन के बाहर निकलने का इंतजार करने लगा. रात करीब 1.00 बजे जतिन अपने एक दोस्त विशु के साथ मोटरसाइकिल से शादी समारोह में शामिल होकर घर जा रहा था. 

जब वे गली नंबर 6 आरक्षण रोड पर पहुंचा, तो आरोपियों ने उन्हें रोक लिया. सौरभ उर्फ ​​हेमंत और मृतक जतिन के बीच सौरभ की पत्नी से अवैध संबंधों को लेकर कहासुनी हो गई. इसके बाद मृतक को अक्षय और रजनीकांत उर्फ ​​कटरू ने पकड़ लिया और सौरभ उर्फ ​​हेमंत ने चाकू निकालकर उसके सीने पर वार कर दिया. इसके बाद सभी आरोपी स्कूटी पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.

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घायल हालत में जतिन को पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल, हुई मौत  

28 जनवरी को दिल्ली पुलिस को खबर मिली थी कि पहाड़गंज में एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा है. मौके पर पहुंची नबी करीम थाने की पुलिस ने घायल को एलएचएमसी असप्ताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया. 

मृतक की पहचान जतिन के तौर पर हुई थी. किसी ने उसके सीने में चाकू मार दिया था. हत्या के खुलासे के लिए सेंट्रल दिल्ली की डीसीपी श्वेता चौहान ने पुलिस की 4 टीमें बनाईं. पुलिस को जांच में पता चला कि जतिन किसी शादी में शरीक होने निकला था. उसके बाद घर नहीं पहुंचा, बल्कि उसकी मौत की खबर पहुंची. 

सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिले सबूत  

पुलिस ने जांच शुरु की तो सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने लगे और पुलिस को एक सीसीटीवी में  तीन व्यक्ति स्कूटी पर नजर आए. वीडियो में दिखा कि मृतक जतिन उर्फ ​​जूडी एक मोटरसाइकिल पर सवार है. तभी उसको स्कूटी सवार कुछ युवक रोक लेते हैं. 

उनके बीच कुछ कहासुनी हुई और कहासुनी के दौरान एक आरोपी ने मृतक के सीने पर वार कर दिया. बाद में आरोपियों की पहचान सौरभ उर्फ ​​हेमंत, रजनीकांत उर्फ ​​कटरू और अक्षय के रूप में हुई. पुलिस की टीमों ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, लेकिन वो मौजूद नहीं पाए गए और आरोपियों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ थे.  

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टेक्निनिकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से की गिरफ्तारी  

पुलिस ने टेक्निनिकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपी हेमंत उर्फ ​​सौरभ और रजनीकांत उर्फ ​​कटरू को दिल्ली के सुल्तानपुरी से गिरफ्तार कर लिया. केस का तीसरे आरोपी अक्षय फरार था. टीम ने आरोपी के मोबाइल कॉल की निगरानी शुरू की. 30 जनवरी की रात उसकी पत्नी के मोबाइल नंबर पर कॉल आई. पुलिस को पता चला कि फरार आरोपी अक्षय ने ट्रेन में यात्रा करते समय एक सह-यात्री के मोबाइल फोन से कॉल कर रहा था. 

आरोपी ट्रेन से गुजरात के सूरत में उतार गया था. दोबारा आरोपी ने एक अन्य अजनबी के मोबाइल से कॉल किया और उसकी लोकेशन वडोदरा में ट्रेस की गई. पुलिस ने पत्नी और मां को विश्वास में लिया और उन्होंने आरोपी को दिल्ली आने के लिए समझाया बुझाया, जिस पर वह राजी हो गया. 

गुड़गांव से अक्षय को पुलिस ने किया गिरफ्तार  

इसके बाद वह बस से उदयपुर आया और अपनी मां से दिल्ली आने-जाने के खर्च के लिए एक हजार रुपये की मांग की. टीमों ने ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया, उसने बस और ड्राइवर की डिटेल दे दी. पुलिस की टीमें लगातार बस ड्राइवर के संपर्क में थीं. उसने बताया कि आरोपी गुड़गांव में उतरेगा. टीमों ने गुड़गांव पहुंचकर पहले से तय रूट पर पोजिशन ली. जब बस गुड़गांव पहुंची, तो आरोपी अक्षय को पकड़ लिया गया और वहां से उसे दिल्ली लाया गया. 

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कनॉट प्लेस में टैटू की दुकान पर काम करता था दीपक  

मुख्य आरोपी दीपक ने पूछताछ पर खुलासा किया कि वह एक टैटू आर्टिस्ट है. वह अपने भाई आरोपी अक्षय के साथ दिल्ली के पालिका बाजार कनॉट प्लेस में एक टैटू की दुकान पर काम करता है. इससे पहले वर्ष 2020 में उसके पास कमाई का कोई जरिया नहीं था, इसलिए वह अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए छिनैती और चोरी को अंजाम देने लगा.  

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