उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. इस केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपी इमरान को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है. इमरान विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन पहले से जारी लुकआउट नोटिस की वजह से पुलिस ने उसे एयरपोर्ट पर दबोच लिया.
मिर्जापुर पुलिस की इंटेलिजेंस टीम काफी समय से इमरान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. जैसे ही सूचना मिली कि इमरान देश छोड़ने की कोशिश कर रहा है, टीम अलर्ट हो गई. इमरान को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लेने के बाद कोर्ट में पेश किया गया और अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर मिर्जापुर लाया जा रहा है. यहां पर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी.
पुलिस के मुताबिक, इमरान इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना है. उसने सबसे पहले KGN सीरीज के जिम की शुरुआत की थी. आयरन फायर KGM जिम का मालिक इमरान ही था, जिसने अपने भाई और जीजा को इस नेटवर्क में शामिल किया था. जिम के जरिए हिंदू लड़कियों को टारगेट किया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें जाल में फंसाया जाता था.
पुलिस की जांच में सामने आया है कि लड़कियों को रिझाने के लिए महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस ने एक XUV गाड़ी को भी कब्जे में लिया है, जिसका इस्तेमाल इसी काम के लिए किया जाता था. इमरान की कंपनी को सीज कर दिया गया है और उसके बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है. इस गैंग से जुड़ी 25 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त कर ली गई है.
बताया जा रहा है कि धर्मांतरण केस के आरोपी फरीद और इरशाद के बैंक खातों से हर महीने लाखों रुपए का लेनदेन हो रहा था. जांच एजेंसियों को शक है कि यह पैसा धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों से आया है. जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है. हिंदू लड़कियों को खासतौर पर टारगेट किया जाता था.
आज तक को मिली एक्सक्लूसिव तस्वीरों में एक आरोपी बुर्के में महिला के साथ नजर आ रहा है. सूत्रों का दावा है कि बुर्के में दिखाई दे रही महिला हिंदू है. इसी तरह लड़कियों की तस्वीरें ली जाती थीं. बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों को NGO के जरिए बाहर भेजा जाता था. धर्म परिवर्तन दिखाकर फंडिंग जुटाई जाती थी. इन्हीं तस्वीरों के जरिए लड़कियों को ब्लैकमेल किया जाता था.
लड़कियों पर दबाव बनाया जाता था और कई मामलों में मोटी रकम भी वसूली जाती थी. पुलिस का कहना है कि जिम के बहाने धर्मांतरण की यह साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी. सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया, ऑफर्स और हाईटेक मशीनों के नाम पर लड़कियों को जिम से जोड़ा गया और फिर उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब दो लड़कियों ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की थी. इसके बाद जांच की परतें खुलती चली गईं. अब इमरान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस नेटवर्क के और भी बड़े चेहरे सामने आएंगे और यह पता चलेगा कि इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हैं. फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है.
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