कोरोना वैक्सीन के 6% डोज हो रहे खराब, कम करने के लिए केंद्र ने बनाया प्लान

देश में कोरोना वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू हुए ढाई महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी भी लोग वैक्सीन लगवाने से हिचक रहे हैं, जिससे वैक्सीन खराब हो रही है. इसी वैक्सीन को खराब होने से बचाने के लिए हेल्थ सेक्रेटरी ने बुधवार को राज्य सरकारों के साथ मीटिंग की.

Advertisement
1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर के सभी लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे. (फाइल फोटो-PTI) 1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर के सभी लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे. (फाइल फोटो-PTI)

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST
  • अभी 6% वैक्सीन डोज खराब हो जा रहे
  • इसे कम कर 1% लाने का टारगेट तय

देश में एक तरफ कोरोना फिर से डराने लगा है, वहीं दूसरी तरफ अब सरकार का फोकस वैक्सीनेशन प्रोग्राम में तेजी लाने पर है. इसलिए गुरुवार यानी 1 अप्रैल से 45 साल या उससे ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी गई है. इस बीच बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकारों के साथ बैठक कर वैक्सीनेशन की तैयारियों पर चर्चा की. उन्होंने राज्यों को भरोसा दिलाया कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. हालांकि, साथ ही साथ वैक्सीन के डोज को कम से कम खराब होने की बात भी कही. 

Advertisement

वैक्सीन के डोज को खराब होने से बचाने की सलाह
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अभी रोज वैक्सीन के 6% डोज खराब हो रही हैं. इसे कम कर के 1% पर लाना है, ताकि वैक्सीन का सही इस्तेमाल हो सके. इसके लिए उन्होंने राज्यों को कहा कि वो रोज अपने स्तर पर वैक्सीन वेस्टेज का रिव्यू करें, ताकि उसे कम से कम किया जा सके. इसके अलावा वैक्सीन डोज को खराब होने से बचाने के लिए जो स्टॉक मौजूद है, उसका समय पर इस्तेमाल करें. उन्होंने CoWIN और eVIN पोर्टल पर वैक्सीन की खपत का डेटा समय पर अपडेट करने की सलाह भी दी है. स्वास्थ्य सचिव ने ये भी कहा कि खपत के हिसाब से वैक्सीन का डिस्ट्रीब्यूशन किया जाए, ताकि वैक्सीन के ओवरस्टॉक और अंडरस्टॉक से बचा जा सके. 

Advertisement

अब तक 6 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज दिए गए
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 30 मार्च तक देशभर में 6.24 करोड़ वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं. इनमें से 5.33 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है, जबकि 90.19 लाख लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी है. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »