UP: रेमडेसिविर के लिए गिड़गिड़ाई, CMO के पैर पकड़े, पर नहीं बचा सकी इकलौते बेटे की जान

कोरोना महामारी के इस संकट में नोएडा से बेहद ही दर्दनाक तस्वीर सामने आई थी. यहां इकलौते बेटे की जान बचाने के लिए मां सीएमओ के पैरों पर गिर गई. वह रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए गुहार लगाती रही. इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. लेकिन ये मां अपने इकलौते बेटे को नहीं बचा सकी. 

Advertisement
रेमडेसेव‍िर के लिए महिला ने पकड़े थे CMO के पैर रेमडेसेव‍िर के लिए महिला ने पकड़े थे CMO के पैर

तनसीम हैदर / कुमार कुणाल

  • नोएडा,
  • 29 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 11:49 AM IST
  • इलाज के लिए चाहिए था रेमडेसिविर इंजेक्शन
  • मदद के लिए CMO कार्यालय पर पहुंची महिला 
  • लाख प्रयास के बाद भी नहीं मिला इंजेक्शन

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक बेबस, लाचार और सिस्टम की मारी एक मां सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी के कार्यालय में उनसे मिन्नतें करती रही. उनके पैर पकड़ती रही. यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ, पूरे देश ने देखा और सब के मुंह से एक ही शब्द निकला उफ्फ! एक मां कहती रही कि ‘रेमडेसिविर इंजेक्शन से मेरे बेटे की जान बचा लें.’ मगर सिस्टम की निष्ठुरता ने उस अभागी मां से 24 साल के बेटे को छीन लिया. 

Advertisement

दरअसल नोएडा की खोड़ा कॉलोनी की रहने वाली रिंकी देवी का इकलौता बेटा कोरोना का संक्रमित हो गया था. नोएडा सेक्टर 51 स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था. यहां डॉक्टरों ने रिंकी देवी को रेमडेसिविर इंजेक्शन लाकर देने का पर्चा थमा दिया. मां को पता चला कि ये इंजेक्शन सेक्टर 39 के सीएमओ दफ्तर से मिलेगा. बेटे की जान बचाने की कोशिश में मां भागी भागी सीएमओ दफ्तर की दहलीज पर पहुंच गई. काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब रिंकी देवी को लगा कि इस इंजेक्शन को पाना तो बहुत मुश्किलों भरा है, तभी उसका सामना सीएमओ डॉक्टर दीपक ओहरी से हो गया. 

सीएमओ को देखते ही रिंकी देवी उनके पैरों में गिर गईं और बेटे की जिंदगी बचाने की फरियाद करते हुए इंजेक्शन की मांग करने लगीं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उनका पर्चा तो लिया, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी की बात कहकर मदद करने से इनकार कर दिया. लाचार, बेबस और बदकिस्मत मां शाम 4:00 बजे तक सीएमओ दफ्तर में मदद का इंतजार करती रही, लेकिन उसे एक अदद इंजेक्शन नसीब नहीं हुआ. शाम करीब 4:30 बजे जब वह खाली हाथ सेक्टर-51 के अस्पताल में पहुंची, तब तक उसके जवान बेटे की सांसों की डोर टूट चुकी थी. 

Advertisement

मंगलवार को सीएमओ कार्यालय का एक और वीडियो वायरल हुआ है. इसमें उन महिलाओं को जेल भेजने की धमकी दी गई है, जो बार-बार रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए सीएमओ दफ्तर पहुंच रही हैं. उन महिलाओं को चेतावनी देते हुए हवालात भेजने की बात कही गई है. बता दें कि दिल्ली से सटे नोएडा में भी कोरोना का कहर जारी है. दवाओं और ऑक्सीजन के लिए लोग परेशान हैं. रोजाना नोएडा में कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं. आरोप है कि डीएम को छोड़कर कोई अधिकारी बहुत एक्टिव नजर नहीं आ रहा है.  

विवाद के बाद दी गई सफाई
इस पूरे विवाद पर अब सीएमओ की ओर से सफाई दी गई है. प्रेस नोट जारी कर कहा गया है कि जेल भेजने वाली बात जो कही जा रही है, वह भ्रामक है. जो व्यक्ति दिन रात महामारी में काम कर रहा है, वह ऐसी बात नहीं कह सकता है. बता दें कि सीएमओ का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने भी फटकार लगाई थी.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement