खुल गया होर्मुज... खबर आते ही अचानक सबकुछ बदल गया, भारत के लिए 3 गुड न्यूज

Strait of Hormuz News: होर्मुज का खुलना भारत के लिए बेहद राहत भरी खबर है. भारत पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा था, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई थी. लेकिन अब इस खबर के बाद कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया है.

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होर्मुज खुलने से आर्थिक तौर पर दुनिया ने ली राहत की सांस. (Photo: ITG) होर्मुज खुलने से आर्थिक तौर पर दुनिया ने ली राहत की सांस. (Photo: ITG)

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST

ईरान और इजरायल के बीच 28 फरवरी से युद्ध शुरू हुआ था. अमेरिका भी इजरायल की तरह से इस युद्ध में कूद पड़ा था. जिससे युद्ध ने भयावह रूप ले लिया था. इस युद्ध की वजह से सबसे ज्यादा तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई थी. क्योंकि तनाव का केंद्र होर्मुज ('Strait of Hormuz) बन गया था.

पिछले करीब डेढ़ महीने से पूरी दुनिया की निगाहें होर्मुज पर टिकी थीं, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई होर्मुज रूट से ही होती है. भारत के लिए भी ये फैसला बेहद अहम है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा तेल और गैस मिडिल-ईस्ट देशों खासकर सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से खरीदता है, जो कि होर्मुज से होकर गुजरता है.

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इसलिए जैसे ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज पूरी तरह से खोलने का ऐलान किया, उसके बाद कच्चे तेल की कीमतों अचानक बड़ी गिरावट आई है. भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक नजरिये से भी होर्मुज का खुलना और मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होना अहम है. ईरान के विदेश मंत्री की घोषणा के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि होर्मुज अब पूरी तरह से खुल गया है और व्यापार के लिए तैयार है. उन्होंने इसके लिए ईरान का धन्यवाद भी किया है. 

होर्मुज के खुलने से भारत के लिए 3 गुड न्यूज है. सबसे पहले आर्थिक तौर पर भारत के लिए ये फैसला अहम है.

1. कच्चे तेल की कीमतों भूचाल 
शुक्रवार की रात 8 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार क्रूड ऑयल का भाव करीब 12 फीसदी टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है, भाव फिसलकर 87 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. यानी अब कच्चे तेल का भाव फरवरी के लो से कुछ ही दूरी पर है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत की आयात बिल में अब सुधार देखने को मिलेगा. कच्चा तेल महंगा होने से हर दिन भारत पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था. भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है. कच्चे तेल के सस्ता होने से देश का करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) कम होगा और सरकारी खजाने पर बोझ घटेगा. 

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2. शेयर बाजार में अचानक बढ़ा जोश
होर्मुज मार्ग के खुलते ही सप्लाई चेन की बाधाएं दूर हो गई हैं. होर्मुज खुलने से ग्लोबल बाजारों में जोरदार तेजी के संकेत मिल रहे हैं. शुक्रवार को भारतीय बाजार बंद होने के बाद ये खबर आई है. लेकिन खबर आते ही Gift Nifty में जोश भर गया है. गिफ्ट निफ्टी में 2 फीसदी यानी 400 अंकों से ज्यादा बढ़त देखी जा रही है. ये सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए बंपर ओपनिंग का साफ संकेत है. 

खासकर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से सोमवार को HPCL, BPCL, IOC, पेंट, टायर और एविएशन जैसे सेक्टर्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी जा सकती है. ग्लोबल टेंशन कम होने से विदेशी निवेशक का भी रुख भारतीय बाजारों को लेकर और सकारात्मक हो सकता है. 
 
3. सोने और चांदी में जबरदस्त तेजी 
आमतौर पर तनाव कम होने पर सोने के दाम गिरते हैं. लेकिन मिडिल-ईस्ट में तनाव से निवेशक घबराए हुए थे, वो सोने-चांदी में भी निवेश से बच रहे थे. लेकिन होर्मुज खुलने और युद्ध टलने की खबर से अचानक सोने-चांदी के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ गया है. ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखी जा रही है. अगर भारत की बात करें तो MCX पर चांदी 5 फीसदी की तेजी के साथ 2.61 लाख रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है, जबकि सोने में 1.50 फीसदी तेजी है, फिलहाल 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 1.55 लाख रुपये हो गई है.   

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बता दें, होर्मुज का खुलना केवल एक कूटनीतिक जीत नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज है. 

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