प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को पहली बार देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील (PM Narendra Modi Appeal) की थी और फिर 24 घंटे में इसे दोहराया. इसके बाद अचानक सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा (Gold Import Duty Hike) दी और सोना-चांदी महंगा हो गया.
सोने के साथ ही प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल का सीमित और संभलकर इस्तेमाल करने के लिए कहा था और एक नहीं बल्कि कई ऐसे संकेत मिल रहे थे कि PM Modi Petrol-Diesel Appeal के बाद फ्यूल प्राइस भी बढ़ सकते हैं. अब हुआ भी ऐसा ही और शुक्रवार को देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गईं.
पीएम से RBI तक से मिले थे संकेत
अमेरिका और ईरान में युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी ग्लोबल टेंशन के बीच के चलते दुनिया में तेल संकट देखने को मिला. भारत पर भी इसका गंभीर असर रहा और प्रधानमंत्री ने खुद इसे लेकर चिंता जाहिर की थी. इसके बाद से ही देश में महंगाई का बम फूट रहा है. PM Modi ने देश के लोगों से मिडिल ईस्ट टेंशन का हवाला देते हुए संयमित इस्तेमाल करने के लिए अपील की थी.
इसके बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी के सिग्नल दिए थे और उनके बाद भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा कि वेस्ट एशिया संघर्ष लंबा खिंचने पर Petrol-Diesel Price Hike देखने को मिल सकता है.
फूटा पेट्रोल-डीजल पर महंगाई बम
शुक्रवार को लगातार मिल रहे ये संकेत सच साबित हो गए और लगातार घाटे में चल रहीं पेट्रोलियम कंपनियों ने एक झटके में पेट्रोल- डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया. ताजा बदलाव के बाद पेट्रोल और डीजल के नए दाम शुक्रवार 15 मई 2026 से लागू कर दिए गए हैं. राजधानी दिल्ली में जहा पेट्रोल की कीमत बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, तो कोलकाता में 108.74 रुपये, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
डीजल की बात करें, तो इसमें करीब 2.80 रुपये से लेकर 3.30 रुपये तक का इजाफा देखा गया है. दिल्ली में अब डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. वहीं, कोलकाता में इसके दाम 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.
भारी घाटे में तेल कंपनियां
रिपोर्ट की मानें, तो वेस्ट एशिया संघर्ष के बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी आई. इसके असर भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां लगातार नुकसान में चल रही थीं. दरअसल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) तेल की कीमतों में इजाफे के बाद भी पेट्रोल, डीजल की बिक्री पुरानी कीमत पर कर रही थीं.
इस वजह से पेट्रोलियम कंपनियों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल एनर्जी प्राइस में बढ़ोतरी होने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें यथावत रखने से तेल कंपनियों को हर रोज 1600 से 1700 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
आजतक बिजनेस डेस्क