क्या देश में पेट्रोल-डीजल महंगा (Petrol-Diesel Price Hike) होने जा रहा है? एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट युद्ध से गहराए तेल संकट का हवाला देते हुए 24 घंटे में ही दो बार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल (PM Modi On Fuel) का संभलकर इस्तेमाल करने की अपील की. तो वहीं अब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि, 'देश में चार साल से Petrol-Diesel Price स्थिर हैं, लेकिन मैं ये नहीं कह रहा कि इनकी कीमतें नहीं बढ़ेंगी.'
हालांकि, इस बयान के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि देश में तेल-गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सुचारू बनी हुई है. इसके साथ ही LPG उत्पादन में भी तेजी लाई गई है, जिससे ग्लोबल संकट के असर को कम करने में मदद मिली है.
भारत के पास कितना तेल-गैस रिजर्व?
CII के कार्यक्रम में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं. इनके तहत जहां LPG का उत्पादन 35,000-36,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया गया है. तो तेल की आपूर्ति भी फिलहाल सुचारू है.
भारत के पास मौजूद Oil-Gas रिजर्व के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हमारे पास 60 दिनों का कच्चा तेल और LNG का स्टॉक मौजूद है, जबकि LPG का स्टॉक 45 दिनों के लिए पर्याप्त है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश में कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है.
'मैंने नहीं कहा कीमतें नहीं बढ़ेंगी...'
हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते हाई पर पहुंची ग्लोबल टेंशन से पैदा हुई चुनौती को हमने एक अवसर में तब्दील किया है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में बीते चार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी भी तरह का कोई इजाफा नहीं किया गया है. पेट्रोलियम मंत्री ने आगे बोलते हुए कहा कि,'मैं ये नहीं कह रहा हूं कि Petrol-Diesel Price Hike नहीं होगा. वैश्विक अनिश्चितता के बीच भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता है.'
Petrol-Diesel के दाम बढ़ने के संकेत!
पेट्रोलियम मंत्री के इस बयान से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है. हालांकि, ये सिर्फ अनुमान ही हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भी बीते दिनों इस तरह की आशंका जाहिर की गई थी. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को पुरानी कीमत पर तेल बेचने से हर दिन हो रहे भारी नुकसान का हवाला देते हुए कहा गया था, फ्यूल प्राइस बढ़ सकते हैं.
सूत्रों ने बिजनेस टुडे को बताया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई से पहले बढ़ोतरी की जा सकती है, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति माह लगभग 30,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
'चुनावों से कोई संबंध नहीं'
पेट्रोलियम मंत्री ने इस तरह की अटकलों को खारिज किया है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव का किसी भी तरह से बीते दिनों पांच राज्यों में संपन्न हुई विधानसभा चुनावों से कोई संबंध है. उन्होंने कहा कि फ्यूल प्राइस और चुनावों का आपस में कोई लेना-देना ही नहीं है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, सरकार ने विधानसभा चुनावों के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमत में किसी बदलाव को नहीं टाला था.
आजतक बिजनेस डेस्क