Crorepati in India: भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं अमीर, जानिए देश में अभी कितने करोड़पति?

अमीरों की संख्या में हो रही ये बढ़ोतरी देश की विकास दर की रफ्तार बढ़ने का मजबूत संकेत है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले वक्त में भारत में अमीरों के आंकड़े में तेज इजाफा हो सकता है क्योंकि बीते कई बरसों से लोगों की इनकम बढ़ रही है. 

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अमीरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी अमीरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी

आदित्य के. राणा

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 4:19 PM IST

भारत में अमीरों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है़ और अब ये करोपड़पतियों का देश बनता जा रहा है. ये अनुमान इस साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग डेटा के एनालिसिस से लगाया जा रहा है. इसके मुताबिक देश में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाले करदाताओं की गिनती में बढ़ोतरी हुई है. खासकर कोरोना काल के बाद से इसमें उछाल दर्ज किया जा रहा है. इसकी वजह है कि देश में लोगों की कमाई लगातार बढ़ रही है. अमीरों की संख्या में हो रही ये बढ़ोतरी देश की विकास दर की रफ्तार बढ़ने का मजबूत संकेत है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले वक्त में भारत में अमीरों के आंकड़े में तेज इजाफा हो सकता है क्योंकि बीते कई बरसों से लोगों की इनकम बढ़ रही है. 

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50% बढ़े करोड़पति टैक्सपेयर्स!
2022-23 के इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग डेटा के मुताबिक ITR फाइल करने वालों में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा इनकम वाले टैक्सपेयर्स की संख्या 2.69 लाख रही है. ये आंकड़ा 2018-19 के 1.80 लाख के मुकाबले 49.4 फीसदी ज्यादा है. 2021-22 में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों की संख्या 1.93 लाख थी. वहीं बीते 4 सालो में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों की संख्या में 50 फीसदी का उछाल आया है. अगर बात करें 1 करोड़ रुपये से ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या की तो 2019-20 के मुकाबले इसमें 41.5 फीसदी का इजाफा देखा गया जबकि 5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम टैक्स देने वालों की संख्या में महज 0.6 फीसदी का इजाफा हुआ है. 2018-19 के मुकाबले 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के टैक्स ब्रेकेट में 1.10 करोड़ टैक्सपेयर्स रहे हैं. इन आंकड़ों से साफ हो जाता है कि देश में तेजी से अमीरों की संख्या बढ़ रही है और एक करोड़ से ज्यादा कमाने वाले बढ़ते जा रहे हैं. 

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कुल टैक्सपेयर्स की संख्या में मामूली बढ़ोतरी
हालांकि इसके बावजूद देश की कुल आबादी के मुकाबले देश में टैक्स फाइल करने वालों की कुल संख्या अभी भी बहुत कम है. सरकार तमाम तरह की कोशिशें करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाने में जुटी है. इस संख्या में सुधार होने के बावजूद अभी भी कुल आबादी का महज 6 फीसदी लोग ही टैक्स चुकाते हैं. ये हाल तब है जबकि बीते दो दशकों के मुकाबले अब भारतीयों की मासिक कमाई काफी बेहतर हो गई है. 

2 साल में दोगुनी हुई करोड़पतियों की संख्या
सालाना एक करोड़ रुपये से ज्यादा इनकम वाले व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या बीते 2 साल में दोगुनी होकर मार्च 2022 तक 1.69 लाख हो गई है. आकलन साल 2022-23 के आयकर रिटर्न के आंकड़ों जिसमें वित्त वर्ष 2021-22 की आय से संबंधित जानकारी दी जाती है उसके अनुसार कुल 1,69,890 लोगों ने अपनी सालाना कमाई एक करोड़ रुपये से ज्यादा दिखाई है. वहीं आकलन वर्ष 2021-22 में ऐसे लोगों की संख्या 1,14,446 थी. आकलन साल 2020-21 में 81,653 व्यक्तिगत करदाताओं ने आय एक करोड़ रुपये से ज्यादा दिखाई थी. लेकिन अब एसेसमेंट इयर 2022-23 में 2.69 लाख ने अपनी आय एक करोड़ रुपये से ज्यादा दिखाई है. इनमें व्यक्तिगत करदाता, कंपनी, फर्म और न्यास शामिल हैं. 

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जल्दी ITR फाइलिंग करने वालों की संख्या बढ़ी
देश में अप्रैल-जून 2023 के बीच दाखिल आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या सालाना आधार पर करीब दोगुना होकर 1.36 करोड़ के पार पहुंच गई है. अप्रैल-जून 2022-23 में 70.34 लाख से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए गए थे. अप्रैल-जून 2023-24 में ये संख्या 93.76 फीसदी बढ़कर 1.36 करोड़ से ज्यादा हो गई है आयकर विभाग के अनुसार  जुलाई में 5.41 करोड़ से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए गए. 

महाराष्ट्र पहले और यूपी दूसरे स्थान पर
आकलन वर्ष 2022-23 के दौरान भरे गए आयकर रिटर्न की संख्या 7.78 करोड़ थी. एसेसमेंट इयर 2021-22 में 7.14 करोड़ और आकलन वर्ष 2020-21 में 7.39 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे. एसेसमेंट इयर 2022-23 में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा जहां पर 1.98 करोड़ रिटर्न भरे गए. उत्तर प्रदेश 75.72 लाख के साथ दूसरे स्थान पर रहा. इसके बाद गुजरात में 75.62 लाख और राजस्थान में 50.88 लाख रिटर्न भरे गए. इस लिस्ट में अगला नंबर पश्चिम बंगाल में 47.93 लाख, तमिलनाडु में 47.91 लाख, कर्नाटक में 42.82 लाख और दिल्ली में 39.99 लाख आयकर रिटर्न दाखिल हुए.

 

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