GST रिटर्न दाखिल करने वालों को राहत, मिलेगी अब ये खास सुविधाएं

जीएसटी नेटवर्क की सुविधा के मुताबिक अब कारोबारी अपनी टैक्स देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट के क्लेम का मिलान कर सकेंगे.

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GST रिटर्न दाखिल करने वालों को राहत GST रिटर्न दाखिल करने वालों को राहत

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 13 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

देश के लाखों कारोबारियों को जीएसटी नेटवर्क  (GSTN) ने बड़ी राहत दी है. इसके तहत अब कारोबारी जीएसटी नेटवर्क पर अपनी टैक्स देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट के क्लेम का मिलान कर सकेंगे. बता दें कि कारोबारी टैक्स में जो देनदारी बताते हैं वह अंतिम सेल्स रिटर्न जीएसटीआर-1 में दिखता है.

जीएसटी नेटवर्क ने एक बयान में कहा कि जीएसटीआर -1 और जीएसटीआर -3 बी अलग - अलग भरे जाते हैं तो ऐसी स्थिति में एक ऐसी सुविधा की जरूरत है जो दोनों फॉर्मों में घोषित कर देनदारी को एक ही जगह पर दिखा सके. यह नई सुविधा टैक्‍सपेयर्स को इन दोनों देनदारियों को एक ही जगह पर देखने में सक्षम बनाती है. इसके जरिए टैक्‍सपेयर्स आसानी से दोनों देनदारियों की तुलना कर सकेंगे.

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इसके साथ ही टैक्‍सपेयर्स, जीएसटी पोर्टल पर उनके द्वारा फाइल दोनों फॉर्मों के बीच किसी भी तरह के अंतर को देख सकेंगे. इसे डाउनलोड करने की भी सुविधा दी गई है. बता दें कि किसी भी महीने के लिए जीएसटीआर -1 अगले महीने की 11 तारीख तक भरी जा सकती है. कारोबारियों को जीएसटीआर -3 बी रिटर्न और टैक्‍स भुगतान हर महीने की 20 तारीख तक करना होता है.

इसके अलावा जीएसटीएन ने टैक्‍सपेयर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के आंकड़ों के बारे में जानकारी लेने की सुविधा दी है. इससे वह जीएसटीआर -3 बी में घोषित कर देनदारी जीएसटीआर 2 ए में अर्जित दावे का पता कर सकता है. जीएसटीआर -2 ए आपूर्तिकर्ता द्वारा जमा किए रिटर्न पर आधारित होता है.

वित्‍त मंत्रालय ने किया है सतर्क

बता दें कि वित्त मंत्रालय ने हाल ही में व्यापार और उद्योग से सालाना जीएसटी रिटर्न भरते समय सतर्कता बरतने को कहा है.  मंत्रालय ने बीते दिनों कहा कि साझा रिटर्न फार्म भरने के लिये अब पोर्टल पर उपलब्ध होगा.  मंत्रालय ने जीएसटी देने वालों से अपना रिटर्न शीघ्र भरने को कहा है. मंत्रालय ने बताया कि 31 दिसंबर 2018 को सालाना रिटर्न फार्म जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-9ए तथा जीएसटीआर-9सी को नोटिफाई किया था.  जीएसटी काउंसिल की ओर से दिसंबर में ये फार्म भरने की समय सीमा तीन महीने बढ़ाकर 30 जून 2019 कर दी गई थी. 

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