साउथ दिल्ली में घर खरीदना और महंगा, लग्जरी फ्लोर्स की कीमतें 32% तक बढ़ीं

वैश्विक मंदी और युद्ध के तनाव के बावजूद दक्षिण दिल्ली का रियल एस्टेट बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है, जहां 2026 की पहली तिमाही में लक्जरी फ्लोर्स की कीमतों में 32% तक का उछाल आया है.

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दक्षिण दिल्ली में बरसों बाद लक्जरी घरों की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी (Photo-Pexels) दक्षिण दिल्ली में बरसों बाद लक्जरी घरों की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी (Photo-Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

साल 2026 की पहली तिमाही में दक्षिण दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है. जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से पूरे देश के रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी का माहौल है, वहीं इसके उलट दक्षिण दिल्ली में लग्जरी फ्लोर्स की कीमतें 32% तक बढ़ गई हैं. गोल्डन ग्रोथ फंड की रिपोर्ट के अनुसारआर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकट के बावजूद, इस इलाके में आलीशान घरों की मांग बहुत मजबूत बनी हुई है और इसने बाकी सभी बाजारों को पीछे छोड़ दिया है.

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गोल्डन ग्रोथ फंड की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में दक्षिण दिल्ली की 'कैटेगरी B' कॉलोनियों में कीमतों की बढ़ोतरी 'कैटेगरी A' की तुलना में कहीं अधिक रही. जहां कैटेगरी B में कीमतें 23% से 32% तक बढ़ीं, वहीं कैटेगरी A में यह वृद्धि 14% से 22% के बीच रही. हालांकि, अगर कुल कीमत की बात करें, तो कैटेगरी A के फ्लोर्स अभी भी महंगे हैं, जिनकी कीमत ₹19.5 करोड़ से ₹40 करोड़ के बीच है, जबकि कैटेगरी B में यह रेंज ₹10.65 करोड़ से ₹16.5 करोड़ है.

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कैटेगरी A कॉलोनियों में 2500 वर्ग फुट के फ्लोर की कीमत ₹14 से ₹25 करोड़ के बीच है, जबकि 6000 वर्ग फुट के बड़े फ्लोर्स की कीमत ₹25 से ₹55 करोड़ तक पहुंच गई है. दूसरी ओर, कैटेगरी B में 2500 वर्ग फुट के घर ₹9 से ₹12.5 करोड़ में मिल रहे हैं और 3200 वर्ग फुट के फ्लोर्स की कीमत ₹14 से ₹19 करोड़ के बीच है, जिसमें सबसे ज्यादा 32% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है.

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इस रिपोर्ट में दिल्ली की कॉलोनियों के वर्गीकरण और उनकी आर्थिक क्षमता पर भी रोशनी डाली गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कैटेगरी A में मेफेयर गार्डन, पंचशील पार्क, वसंत विहार, चाणक्यपुरी और गोल्फ लिंक्स जैसे बेहद पॉश इलाके शामिल हैं, जबकि कैटेगरी B में चिराग एनक्लेव, आनंद लोक, जीके (GK), डिफेंस कॉलोनी और सफदरजंग एनक्लेव जैसे नाम आते हैं. 

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पूरी दिल्ली को A से H तक आठ श्रेणियों में बांटा है, जिससे सर्कल रेट, प्रॉपर्टी टैक्स और स्टांप ड्यूटी जैसी दरें तय होती हैं. दक्षिण दिल्ली की इन 42 (A और B) कैटेगरी की कॉलोनियों में करीब 18,500 प्लॉट्स मौजूद हैं, जहां पुनर्विकास की अपार संभावनाएं हैं, अनुमान है कि इन इलाकों में विकास कार्यों के जरिए ₹6.5 लाख करोड़ का विशाल कारोबार हो सकता है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा अवसर पेश करता है.

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