उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट मार्केट में नोएडा और गाजियाबाद लंबे समय तक निवेश के सबसे बड़े हॉटस्पॉट रहे हैं, बढ़ते डिमांड के चलते अब इन शहरों में प्रॉपर्टी के रेट आसमान छू रहे हैं ऐसे में लोग यूपी के ऐसे शहरों की तलाश कर रहे हैं जहां रेट भी कम हो और भविष्य में बेहतर रिटर्न मिले.
राज्य के दूसरे शहर भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों और घर खरीदारों की पहली पसंद बन रहे हैं. अगर अच्छे रिटर्न की तलाश में हैं, तो यूपी के ये 5 उभरते हुए शहर आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ फिलहाल रियल एस्टेट के मामले में राज्य का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. गोमती नगर विस्तार, सुल्तानपुर रोड और शहीद पथ जैसे इलाकों में विश्वस्तरीय आवासीय परियोजनाएं विकसित हो रही हैं. हालांकि यहां भी प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन नोएडा की तुलना में रेट कम है. यहां के अच्छे इलाकों में 2BHK फ्लैट की कीमत ₹45 लाख से ₹85 लाख के बीच है. बजट हाउसिंग में यह ₹35-40 लाख में भी उपलब्ध है. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और आईटी सिटी की स्थापना से यहां संपत्ति की कीमतों में 15-20% वार्षिक वृद्धि की संभावना है.
वाराणसी अब सिर्फ धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं रहा. 'वाराणसी स्मार्ट सिटी' परियोजना और गंगा रिवरफ्रंट के विकास ने यहां के रियल एस्टेट में जान फूंक दी है. यहां 2BHK फ्लैट की दरें बाबतपुर (एयरपोर्ट रोड) और पहड़िया जैसे क्षेत्रों में 2BHK फ्लैट ₹40 लाख से ₹70 लाख के बीच मिल रहे हैं. यहां पर्यटन में भारी उछाल के कारण 'होमस्टे' और रेंटल प्रॉपर्टी की मांग बहुत अधिक है. रिंग रोड के किनारे निवेश करना भविष्य के लिए काफी फायदेमंद है.
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में रियल एस्टेट की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है. यह शहर अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर है, जिससे यहां की जमीन और फ्लैट की कीमतों में तेजी आई है. अयोध्या और फैजाबाद के आसपास के इलाकों में 2BHK अपार्टमेंट की कीमतें ₹45 लाख से ₹1.2 करोड़ तक जा रही हैं. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नई टाउनशिप परियोजनाओं के कारण यहां प्रॉपर्टी वैल्यू में 25-50% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है. यह निवेश के लिए यूपी का सबसे गर्म बाजार है.
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गोरखपुर
गोरखपुर में हाल के वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है. खाद कारखाने का पुनरुद्धार और एम्स की स्थापना ने यहां रहने की गुणवत्ता को बेहतर बनाया है. तारामंडल और सहारा एस्टेट जैसे क्षेत्रों में 2BHK फ्लैट ₹40 लाख से ₹65 लाख के बीच उपलब्ध हैं. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण यहां कनेक्टिविटी बढ़ी है. पूर्वी यूपी के लोगों के लिए यह शिक्षा और स्वास्थ्य का हब बन रहा है.
प्रयागराज हमेशा से शिक्षा और प्रशासन का केंद्र रहा है, लेकिन अब यहां आधुनिक अपार्टमेंट कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. नैनी और झूंसी जैसे इलाके नए आवासीय हब के रूप में विकसित हो रहे हैं. कालिंदीपुरम और नैनी जैसे विकसित क्षेत्रों में 2BHK फ्लैट ₹35 लाख से ₹60 लाख के बीच मिल जाते हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के आगामी चरणों से शहर के बाहरी इलाकों में संपत्ति की कीमतों में उछाल आने की पूरी उम्मीद है.
गंगा एक्सप्रेसवे से कम होगी दूरी
गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स शहरों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं. यूपी सरकार ने 'सिटी इकोनॉमिक रीजन्स' के तहत इन शहरों के विकास के लिए भारी बजट आवंटित किया है. नोएडा की तुलना में यहां घर सस्ते हैं और जीवन जीने की लागत भी कम है. अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की योजना बना रहे हैं, तो इन शहरों के बाहरी रिंग रोड या निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के पास की संपत्तियां आने वाले 5-7 वर्षों में आपको दोगुना रिटर्न दे सकती हैं.
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