भारत के रिहायशी प्रॉपर्टी मार्केट के लिए 2026 की शुरुआत काफी हलचल भरी रही है. घरों की सप्लाई में जबरदस्त तेजी आई है और कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं, हालांकि घर खरीदने वालों की डिमांड में इस तिमाही थोड़ी सुस्ती देखी गई है.
मैजिकब्रिक्स प्रॉपइंडेक्स (Q1 2026) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि देश के 13 बड़े शहरों में बिकने वाले घरों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 10.1% बढ़ गई है. जनवरी से मार्च के बीच करीब 1.10 लाख घर बिक्री के लिए उपलब्ध थे. वहीं अगर कीमतों की बात करें, तो देशभर में घरों के औसत दाम पिछले साल के मुकाबले 14.1% बढ़कर अब ₹14,633 प्रति स्क्वेयर फुट पर पहुंच गए हैं.
अगर डिमांड को देखें, तो पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 2.2% की मामूली कमी आई है, लेकिन पिछले साल इसी समय के मुकाबले डिमांड अभी भी 1.5% ज़्यादा है. इस तिमाही के दौरान देशभर में कुल मिलाकर लगभग 31.7 लाख घरों की डिमांड दर्ज की गई है.
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नोएडा में मांग घटी
शहरों के हिसाब से मांग में मिला-जुला असर देखने को मिला है. मार्च तिमाही में नोएडा में मांग में 8.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद चेन्नई में 5.2 प्रतिशत और कोलकाता में 4.7 प्रतिशत की कमी आई. दूसरी ओर, अहमदाबाद एक मजबूत बाजार के रूप में उभरा, जहां मांग में 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. वहीं, नई दिल्ली और पुणे में मांग में क्रमशः 0.7 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही.
सप्लाई के मोर्चे पर, डेवलपर्स ने तेजी से नए घर बाजार में उतारे हैं. सक्रिय सप्लाई (active supply) में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां 22.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई. इसके बाद हैदराबाद में 19.8 प्रतिशत और कोलकाता में 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिपोर्ट में हाउसिंग मार्केट में बढ़ते 'प्रीमियम' ट्रेंड पर भी ज़ोर दिया गया है, जिसमें बड़े शहरों में ₹3 करोड़ से अधिक की कैटेगरी वाले घरों की संख्या काफी बढ़ी है.
3BHK घरों का बढ़ता क्रेज
घर खरीदारों की पसंद अभी भी मध्यम आकार के घरों पर टिकी हुई है. कुल डिमांड में 2BHK अपार्टमेंट्स की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जबकि 3BHK घरों की मांग 37 प्रतिशत दर्ज की गई. कुल मिलाकर, 2BHK और 3BHK यूनिट्स ने कुल हाउसिंग डिमांड में लगभग 80 प्रतिशत का योगदान दिया, जो दर्शाता है कि लोग अब प्रैक्टिकल और लंबे समय तक रहने लायक घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं. 750 से 1,250 वर्ग फुट के दायरे वाले घर खरीदारों की पहली पसंद बने हुए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, NCR और बेंगलुरु व हैदराबाद जैसे दक्षिण भारत के आईटी शहरों में बड़े घरों की मांग काफी ज्यादा देखी जा रही है. वहीं, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) में कीमतों के भारी दबाव के कारण अभी भी छोटे और अपेक्षाकृत किफायती घरों का ही बोलबाला है.
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