भारतीय रियल एस्टेट बाजार के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है. नाइट फ्रैंक (Knight Frank) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 1% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है, रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान कुल 3.48 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह घरों की कीमतों में आया भारी उछाल माना जा रहा है, जहां औसत कीमतों में 19% तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके कारण खरीदारों की मांग में अब एक ठहराव नजर आने लगा है.
यह आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों ने मिड-लेवल और बजट हाउसिंग के खरीदारों को फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में डाल दिया है. हालांकि लग्जरी सेगमेंट में हलचल बनी हुई है, लेकिन कीमतों के इस स्तर पर पहुंचने से कुल वॉल्यूम में कमी आई है. रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कीमतों में इसी तरह की तेजी जारी रही, तो आने वाले समय में डिमांड को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती हो सकता है.
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क्या है देश के शहरों का हाल?
नाइट फ्रैंक की ताजा रिपोर्ट भारत के विभिन्न शहरों में रियल एस्टेट की बदलती तस्वीर को बयां करती है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आवासीय संपत्तियों की मांग बनी रही और यहां बिक्री में 1% की मामूली बढ़त के साथ कुल 97,188 यूनिट्स का पंजीकरण हुआ, जबकि औसत कीमतें 7% बढ़कर ₹8,856 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं.
वहीं, बेंगलुरु में बाजार स्थिर रहा जहां 55,373 यूनिट्स की बिक्री हुई, लेकिन कीमतों के मामले में यहां 12% का बड़ा उछाल देखा गया, जिससे दरें ₹7,388 प्रति वर्ग फुट हो गईं. इसके उलट पुणे के बाजार में 3% की गिरावट दर्ज की गई और यहां 50,881 यूनिट्स की ही बिक्री हो सकी, जबकि कीमतों में 5% की बढ़त के साथ रेट ₹5,016 प्रति वर्ग फुट रहा.
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दिल्ली-एनसीआर के लिए सुस्त रहा साल
देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों में से एक दिल्ली-NCR के लिए पिछला साल काफी सुस्त रहा, जहां बिक्री में 9% की भारी गिरावट आई और यह आंकड़ा घटकर 52,452 यूनिट्स पर सिमट गया. हालांकि, यहां कीमतों में सबसे ज्यादा 19% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे औसत भाव ₹6,028 प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गया. इसके विपरीत, दक्षिण भारत के हैदराबाद और चेन्नई में रियल एस्टेट की लहर मजबूत रही. हैदराबाद में बिक्री 4% की बढ़त के साथ 38,403 यूनिट्स रही, तो चेन्नई में 12% की शानदार ग्रोथ के साथ 18,262 यूनिट्स बिकीं. कीमतों के लिहाज से हैदराबाद में 13% और चेन्नई में 7% की वृद्धि देखी गई.
गुजरात के अहमदाबाद में भी बाजार सकारात्मक रहा, जहां बिक्री में 2% का इजाफा हुआ और 18,752 यूनिट्स बिकीं, जबकि यहां कीमतों में महज 3% की वृद्धि हुई जो अन्य बड़े शहरों के मुकाबले काफी कम रही. वहीं, कोलकाता में रियल्टी मार्केट में थोड़ी नरमी देखी गई और बिक्री 3% की सालाना गिरावट के साथ 16,896 यूनिट्स पर आ गई. कीमतों के मामले में कोलकाता में 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यहां का औसत रेट ₹4,037 प्रति वर्ग फुट रहा.
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