क्या Oracle की छंटनी का असर बेंगलुरु के हाउसिंग मार्केट पर पड़ने वाला है

सालों से आईटी सेक्टर की 'भारी-भरकम सैलरी' के दम पर दौड़ने वाला बेंगलुरु का प्रॉपर्टी बाजार अब सुस्ती की चपेट में आ सकता है. मंदी और नौकरी जाने के डर से शहर के मुख्य खरीदार टेक प्रोफेशनल्स अब बड़े निवेश वाले घर खरीदने के फैसले को टाल रहे हैं.

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आईटी सेक्टर के लोगों को नौकरी जाने का डर (Photo-Pexels) आईटी सेक्टर के लोगों को नौकरी जाने का डर (Photo-Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

दिग्गज अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल (Oracle) में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी का सीधा असर बेंगलुरु के प्रॉपर्टी मार्केट पर भी दिखने लगा है, जो लंबे समय से आईटी कर्मचारियों की भारी-भरकम सैलरी के भरोसे चल रहा था.

ओरेकल, जिसके लिए बेंगलुरु को उसका दूसरा घर माना जाता था, उसने भारत में अपने करीब 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. संकट यहीं खत्म नहीं होता है. खबर है कि अगले एक महीने के भीतर छंटनी का एक और दौर आ सकता है. वैश्विक स्तर पर कंपनी अब तक करीब 30,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है.

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आईटी सेक्टर में फैली इस अनिश्चितता के कारण बेंगलुरु के रियल एस्टेट क्षेत्र में तनाव है. जिन इलाकों में आईटी पेशेवरों की भारी मांग रहती थी, वहां अब मांग में कमी और बाजार में सुस्ती का माहौल बनता जा रहा है. बेंगलुरु का प्रॉपर्टी बाजार, जिसने साल 2021 से 2023 के बीच कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा था, अब बेहद महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है. आईटी सेक्टर की आय पर निर्भर रहने वाले इस बाजार में अब मंदी के शुरुआती लक्षण दिखने लगे हैं, जिसका मुख्य कारण तकनीकी पेशेवरों के बीच बढ़ती असुरक्षा है.

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आईटी सेक्टर से जुड़े हैं घर खरीदार

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि शहर के मुख्य खरीदार यानी टेक प्रोफेशनल्स अब बड़े निवेश वाली संपत्तियों की खरीद से पीछे हट रहे हैं. मंदी के डर से कई लोग घर खरीदने के अपने फैसले को पूरी तरह टाल रहे हैं, जबकि कुछ लोग वित्तीय जोखिम को कम करने के लिए अपने बजट में कटौती कर किफायती घरों का रुख कर रहे हैं. 

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पिछले कई सालों से आईटी सेवाओं में होने वाली लगातार नियुक्तियों और बढ़ते वेतन ने न केवल बेंगलुरु, बल्कि हैदराबाद, पुणे और दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में घरों की मांग को मजबूती दी है. अब इस चक्र में आने वाली कोई भी बाधा, चाहे वह ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों में होने वाली बड़े पैमाने पर छंटनी हो या नई भर्तियों की धीमी रफ्तार, सीधे तौर पर प्रॉपर्टी बाजार की बिक्री और नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को प्रभावित कर रही है. उदाहरण के तौर पर, ओरेकल ने भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अगले एक महीने में छंटनी के एक और दौर की आशंका है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है.

इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर लोग खूब चर्चा भी कर रहे हैं. एक आईटी कंपनी में छंटनी के शिकार हुए एक युवक ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द शेयर करते हुए लिखा था. शुक्र है मैंने घर नहीं खरीदा वर्ना ईएमआई जाल में फंसकर जिंदगी और भी मुश्किल हो जाती. 


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