बेंगलुरु में एक परिवार हजारों रुपये खर्च करके किराए के घर में शिफ्ट हुआ, लेकिन कुछ दिन के बाद ही कपड़े सुखाने को लेकर मकान मालिक का नोटिस मिल गया. किराएदार का आरोप है कि अपने नवजात बच्चे के कपड़े सुखाने के लिए पड़ोसी की बालकनी का इस्तेमाल किया, क्योंकि उनके अपने फ्लैट में बालकनी की सुविधा नहीं थी.
बेंगलुरु के इस किराएदार का दावा है कि ₹50,000 का सिक्योरिटी डिपॉजिट और मोटा ब्रोकरेज चुकाने के बावजूद, उन्हें एक महीने के भीतर घर छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया गया है. किराएदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा- "बेंगलुरु में मकान मालिक 15 दिनों के भीतर ही घर खाली करने की धमकी दे रहा है और इस सब की वजह सिर्फ पड़ोसी की अनुमति से कपड़े सुखाना है जबकि मैंने फीस और डिपॉजिट के रूप में 80 हजार रुपये चुकाए हैं.'
उस व्यक्ति ने आगे बताया, "मैं अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में किराए पर रह रहा हूं और पहले दिन से ही कपड़े सुखाने को लेकर समस्याओं का सामना कर रहा हूं. प्रॉपर्टी में कपड़े सुखाने की सुविधाएं ना के बराबर हैं न तो ठीक से कीलें या ग्रिल लगी हैं, न ही वहां धूप आती है और सामने का हिस्सा भी बहुत छोटा है. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दूसरी मंजिल पर एक 1BHK फ्लैट है, जिसमें कोई बालकनी नहीं है. हम सभी फीस और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 4 मार्च को यहां शिफ्ट हुए थे."
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किराएदार का आरोप, मकान मालिक ने छत का इस्तेमाल नहीं करने दिया
किराएदार का दावा है कि घर में शिफ्ट होने के तुरंत बाद उन्होंने बच्चों के कपड़े सुखाने के लिए छत की ग्रिल का इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन मकान मालिक ने मना कर दिया. कपड़ों को ठीक से सुखाने का कोई और रास्ता न देख, परिवार ने अपने पड़ोसी से उनकी जगह इस्तेमाल करने का अनुरोध किया, जिसके लिए पड़ोसी तैयार हो गए.
उसका आरोप है जैसे ही मकान मालिक को इस बात की भनक लगी, उन्होंने इसे 'अनुचित' और 'तकनीकी रूप से गलत' करार देते हुए तुरंत एग्रीमेंट खत्म करने की चेतावनी दे दी.
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