Crude Price Surge: ईरान के प्रस्ताव को ट्रंप ने कहा- नहीं मान सकते, फिर तेल में लगी आग

Crude Oil Price Surge: कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में एक बार फिर से आग लगी नजर आ रही है. अमेरिका और ईरान में शांति प्रस्ताव पर सहमति न बन पाने की खबर के बाद Brent Crude का दाम एक झटके में 4.50 फीसदी उछल गया.

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अमेरिका-ईरान में शांति प्रस्ताव पर नहीं बन पा रही बात. (Photo: Reuters) अमेरिका-ईरान में शांति प्रस्ताव पर नहीं बन पा रही बात. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

अमेरिका और ईरान में बात बनती नजर नहीं आ रही है और इसका खामियाजा दुनिया को भुगतना पड़ रहा है. एक बार फिर US-Iran के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई है और होर्मुज स्ट्रेट की बंदी जारी है. इसके बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आग लग गई है और इंटरनेशनल मार्केट में Brent Crude Price 4 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. क्रूड में आए इस उछाल ने एक बार फिर ग्लोबल महंगाई का खौफ बढ़ा दिया है और इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है. 

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US-Iran में शांति प्रस्ताव फेल!
रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट यद्ध के चलते ग्लोबल टेंशन में कमी आती नहीं दिख रही है. एक बार फिर शांति प्रस्ताव पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति नहीं बन पाई है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है. सोमवार को Crude Oil Price अचानक तेज रफ्तार से ऊपर चढ़ते हुए नजर आए. Hormuz Closure से पहले ही दुनिया में तेल-गैस संकट के चलते बुरा हाल है और उसपर इसके खुलने के उम्मीद लगातार फेल होती जा रही है. 

तेल की कीमतों में तेज उछाल
खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 4.50 फीसदी की तगड़ी उछाल के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था. तो वहीं दूसरी ओर WTI Crude Oil Price भी 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी लेकर 101 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. Murban Crude Price की बात करें, तो इसमें करीब 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली, तो वहीं नेचुरल गैस का दाम (Natural Gas Price) करीब 2 फीसदी बढ़कर 2.809 डॉलर पर पहुंच गया. 

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महंगाई का लगातार बढ़ा जोखिम
Middle East War की शुरुआत बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर की गई स्ट्राइक के साथ हो गई थी और ईरानी पलटवार ने युद्ध को गहरा दिया. इस जंग की आग सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों में लगी और ये लगातार छलांग लगाता हुआ नजर आया है. दुनिया की जरूरत का करीब 20 फीसदी तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से Oil-Gas Crisis चरम पर पहुंच गया. बता दें कि युद्ध की शुरुआत से अब तक कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली है.

तेल में उछाल से सहमे शेयर बाजार
Crude Oil Price में अचानक फिर से आए इस तेल उछाल से दुनियाभर के शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है और वे खौफ में नजर आ रहे हैं. जापान का निक्केई इंडेक्स सोमवार को 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं हैंगसेंग से लेकर FTSE-100 तक में गिरावट देखने को मिली. भारत की अगर बात करें, तो यहां BSE Sensex खुलने के साथ ही 900 अंक बिखर गया, तो निफ्टी भी 275 अंक का गोता लगाकर कारोबार करता दिखा. 

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