घड़ी नहीं... 2002 में खरीदना था ये शेयर, पांच हजार हो जाते ₹15.32 करोड़!

टाटा की कंपनी के शेयर 4500 रुपये के पार पहुंच गया है. इस शेयर ने 24 सालों में निवेशकों को करोड़पति बना दिया है, वह भी सिर्फ 5 हजार रुपये के निवेश पर.

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टाटा के शेयर ने बना दिया करोड़पति. (Photo: AI Generated/ChatGPT) टाटा के शेयर ने बना दिया करोड़पति. (Photo: AI Generated/ChatGPT)

हिमांशु द्विवेदी

  • नई दिल्‍ली,
  • 09 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:53 PM IST

साल 2002 में टाटा की कंपनी टाइटन ने दुनिया की स्‍लिमेस्‍ट वॉच लॉन्‍च की थी, जिसे Guiness Book of World Records के लिए भेजा गया था. इस घड़ी का नाम टाइटन एज (Titan Edge) था. टाइटन एज की सभी घड़ियों को बनाने में 3 करोड़ रुपये की कॉस्‍ट आई थी और कंपनी ने 15 करोड़ एक साल में सेल टारगेट रखा था. 

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उस वक्‍त टाइटन एज की एक घड़ी की कीमत 5000 रुपये तक थी. वहीं साल 2002 में टाइटन कंपनी के एक शेयर की कीमत ₹2.50 से ₹3.50 के बीच थी, हम 3 रुपये मान लेते हैं. तब घड़ी के बजाय, किसी ने 3 रुपये वाले इस शेयर में सिर्फ 5000 रुपये भी इन्‍वेस्‍ट किया होता, तो उसके पास आज 75 लाख से ज्‍यादा रुपये होते. 

इसका स्‍पष्‍ट उदाहरण बिग बुल कहे जाने दिवंगत राकेश झुनझुनवाला ने इस शेयर से खूब पैसा बनाया. यह उनका पसंदीदा स्‍टॉक था और आज भी उनकी पत्‍नी रेखा झुनझुनवाल के पास भी ये स्‍टॉक मौजूद है. उनके पास 47,184,470 शेयर (5.31% हिस्‍सेदारी) है. 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2003 में राकेश झुनझुनवाला ने इस कंपनी के 10 लाख शेयर 40 रुपये के भाव पर खरीदे थे और बाद में धीरे-धीरे हिस्‍सेदारी बढ़ाई थी. अब आइए समझते हैं कैसे इस कंपनी का शेयर आपको मालामाल कर देता. 

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कंपनी ने कैसे-कैसे की तरक्‍की? 
दरअसल, TITAN की शुरुआत 26 जुलाई 1984 में हुई थी, तब ये कंपनी टाटा ग्रुप और तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का एक ज्वाइंट वेंचर थी. यह कपंनी पहले घड़ी के कारोबार में थी और कम से कम सालभर में एक नई घड़ी लॉन्‍च करती थी. धीरे-धीरे करके इसने घड़ी सेगमेंट में मजबूत पकड़ जमा ली और ज्‍यादातर मार्केट पर कब्‍जा कर लिया. 

इसके बाद कंपनी धीरे-धीरे करके परफ्यूम, ज्‍वेलरी और साड़ी बेचने के कारोबार में एंट्री मारी और अपनी मजबूत पकड़ बनाई. जैसे-जैसे कंपनी ने तरक्‍की की वैसे-वैसे इसके शेयर भी तेजी से चल पड़े. 

कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन 
साल 2005 तक इस शेयर की कीमत 25 रुपये हो गई थी और इसने 800% का रिटर्न दिया था. वहीं साल 2010 तक इसके शेयर की कीमत 170 रुपये पहुंच गई यानी 3 रुपये की तुलना में इसने लगभग 4200 फीसदी का रिटर्न दिया. वहीं साल 2015 तक इसके शेयरों की कीमत 350 रुपये से ज्‍यादा की थी यानी 2002 की तुलना में 10,000% का रिटर्न दिया.

दिसंबर 2020 तक इसके शेयर की कीमत 1500 रुपये थी, जिसने 18 साल में 38,000% का रिटर्न दिया. अब इस शेयर की कीमत ₹4,509 रुपये है. ऐसे में 2002 से लेकर अबतक इस शेयर ने 1,15,367.35% रिटर्न दिया है. 

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कैसे 24 साल में बन जाते करोड़ों रुपये?
साल 2002 में 3 रुपये के भाव से अगर किसी ने 5000 रुपये भी लगाए होते तो तब उसे 1666 शेयर मिलते और 4600 रुपये के भाव पर  1666 शेयरों की वैल्‍यू 76.63 लाख रुपये से ज्‍यादा की हो जाती. इसमें अभी स्‍टॉक स्प्लिट वाले शेयर या बोनस वाले शेयरों को शामिल नहीं किया गया है. कंपनी ने एक बार 1 के बदले 10 शेयर स्‍टॉक स्प्लिट और एक बार बोनस 1:1 के अनुपात में दिया है. 

अगर इन शेयरों को भी शामिल करके कैलकुलेशन किया जाए तो साल 2002 में किया गया 5000 रुपये का निवेश आज 15.32 करोड़ रुपये बन जाता. 

आसान कैलकुलेशन से समझें

शुरुआती शेयर कितने खरीदे?

  • ₹5,000 ÷ ₹3 = लगभग 1666 शेयर

2011 में 1:1 बोनस मिला यानी हर 1 शेयर पर 1 नया शेयर

  • 1666 × 2 = 3332 शेयर

फिर 1:10 स्टॉक स्प्लिट हुआ. ₹10 फेस वैल्यू वाला 1 शेयर ₹1 फेस वैल्यू के 10 शेयर बने. 

  • 3332 × 10 = 33,320 शेयर

आज शेयर की कीमत 4600 रुपये 

  • 33,320 × ₹4,600 = ₹15.32 करोड़ 
     

52 वीक के हाई पर ये शेयर 
शुक्रवार को टाइटन के शेयरों में करीब 5 फीसदी की तेजी आई और यह शेयर 52वीक का हाई लेवल 4605 रुपये पर पहुंच गया, लेकिन उसके बाद इसमें करीब 100 रुपये की गिरावट आई. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,00,693 करोड़ रुपये का हो गया है. 

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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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