ट्रंप के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव थोड़े कम होते दिख रहे हैं. इधर केंद्र सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है, फिर भी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की समय सीमा 10 दिन से बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया है, जिस कारण कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है. कच्चे तेल का दाम करीब 1 फीसदी टूट चुका है. साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी ठिकानों को निशाना नहीं बनाएगा.
ट्रंप के बयान और कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद भी भारतीय शेयर बाजार में हैवी गिरावट है. सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा टूट चुका है. यह 1.50 फीसदी गिरकर 74160 के नीचे कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 330 अंक या 1.47% गिरकर 22980 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक भी 1100 अंक से ज्यादा गिरा है.
सिर्फ आईटी सेक्टर में तेजी है. बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली हावी हुई है. निफ्टी ऑटो, केमिकल्स और पूीएसयू बैंक जैसे सेक्टर में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. मीडिया और मेटल सेक्टर भी भारी दबाव में कारोबार कर रहे हैं. BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो TCS, सनफार्मा, एचसीएल टेक, इंफोसिस और भारती एयरटेल को छोड़कर बाकी 25 शेयर गिरावट पर हैं. बड़ी गिरावट इंडिगों के शेयरों में आई है और सबसे ज्यादा गिरावट में योगदान रिलायंस ने दिया है, जो 2.77% टूट चुका है.
बजाज फाइनेंस, एल एंड टी, HDFC Bank, एटर्नल के शेयरों में 2.5 फीसदी या उससे ज्यादा की कमी आई है. अडानी पोर्ट, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट रही है.
क्यों आई बाजार में गिरावट?
निवेशकों को तगड़ा नुकसान
बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 431 लाख करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को घटकर 424 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. ऐसे में निवेशकों के वैल्यूवेशन में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. वहीं बुधवार को इसमें 9 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ था.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क