अमेरिका और ईरान जंग के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिस कारण शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है. खासकार भारतीय बाजार में निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ है. FII आए दिन तगड़ी बिकवाली कर रहे हैं और अमेरिकी बाजार समेत कई अन्य मार्केट में एंट्री ले रहे हैं. इस बीच, एक अमेरिकी दिग्गज ने खतरे की घंटी बजा दी है और बड़ी चेतावनी दी है.
अमेरिकी दिग्गज निवेशक माइकल बरी ही हैं, जिन्होंने 2008 के हाउसिंग क्रैश की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में बबल फूटने वाला है, क्योंकि शेयर बाजार में AI का मौजूदा जुनून डॉट कॉम बबल के अंतिम दिनों जैसा दिख रहा है.
माइकल बरी को 'द बिग शॉर्ट' के नाम से भी जाना जाता है. CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार , बरी ने सबस्टैक पर एक तीखा कमेंट किया है. सीएनबीसी के अनुसार, उन्होंने लिखा कि लगातार AI का ही बोलबाला है. दिन भर कोई और किसी और चीज के बारे में बात ही नहीं करता.
सही ढंग से नहीं चल रहा बाजार
बरी का मानना है कि ग्लोबल मार्केट का कामकाज अब तर्क के मुताबिक नहीं रह गया है. उन्होंने बताया कि शेयर बाजार अब आर्थिक आंकड़ों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है. जॉब रिपोर्ट या कंज्यूमर हेल्थ जैसी रिपोर्टों के आधार पर तर्कसंगत रूप से कारोबार करने के बजाय, बाजार अंधाधुंध गति से चल रहा है.
आंकड़ों के उलट चल रहा बाजार
उदाहरण के लिए, शुक्रवार को एसएंडपी 500 ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापारियों ने अप्रैल की रोजगार रिपोर्ट पर उत्सुकतापूर्वक ध्यान दिया, जो उम्मीद से थोड़ी बेहतर थी, जबकि उपभोक्ता भावना में रिकॉर्ड-निम्न स्तर की गिरावट को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया.
बुलबुले के आखिरी महीने चल रहे हैं?
उन्होंने लिखा कि शेयरों की कीमत में उतार-चढ़ाव नौकरियों या कंज्यूमर भावना के कारण नहीं हो रहा है. वे सीधे ऊपर जा रहे हैं क्योंकि वे हमेशा से सीधे ऊपर जाते रहे हैं. एक ऐसे सिद्धांत पर जिसे हर कोई समझता है. ऐसा लग रहा है जैसे 1999-2000 के बुलबुले के आखिरी महीने चल रहे हों.
अपनी बात को साबित करने के लिए बरी ने फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्ट इंडेक्स (SOX) की हालिया विस्फोटक तेजी की तुलना मार्च 2000 में तकनीकी शेयरों के धराशायी होने से ठीक पहले हुई ऐतिहासिक तेजी से की है.
सीएनबीसी ने आगे कहा कि यह कमेंट ऐसे समय में आया है, जब पिछले दो सालों में निवेशकों ने एआई से जुड़े शेयरों में जमकर निवेश किया है, जिससे खास अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स को बार-बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में मदद मिली है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क