Rupee vs Dollar: रिकॉर्ड लो पर पहुंचा रुपया... 93 का लेवल क्रॉस, अब ये चीजें होंगी सस्‍ती-महंगी

भारतीय इत‍िहास में पहली बार रुपया 93 लेवल के पार कर चुका है, जिस कारण कई चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है. साथ ही कुछ चीजें सस्‍ती हो सकती हैं. आइए जानते हैं...

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सबसे निचले स्‍तर पर रुपया. (Photo: ITG) सबसे निचले स्‍तर पर रुपया. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

मिडिल ईस्‍ट में जंग ने दुनिया को संकट में डाल दिया है. एनर्जी संकट पैदा होने के अशंका से कच्‍चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिस कारण डॉलर के मुकाबले अन्‍य करेंसी दबाव में दिखाई दे रही हैं. भारतीय करेंसी पर भी डॉलर का असर हुआ है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 119 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था, जिसके बाद रुपया 93 का लेवल क्रॉस कर चुका है. 

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.65% गिरकर 93.24 पर आ गया, जो बुधवार को दर्ज किए गए रिकॉर्ड निचले स्‍तर 92.63 से भी नीचे है. भारतीय इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि रुपया डॉलर के मुकाबले 93 रुपये के पार पहुंचा हो. अमेरिका-ईरान वॉर शुरू होने के बाद से इंडियन करेंसी में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. 

भारतीय करेंसी में गिरावट के कारण अब भारतीय मुद्रा में विदेशी समान खरीदना महंगा होगा, लेकिन अगर डॉलर में कोई सामना विदेश भेजते हैं या एक्‍सपोर्ट करते हैं तो अब इसकी लागत कम होगी. 

रुपये में गिरावट से क्‍या चीजें हो जाएंगी सस्‍ती? 
रुपये में गिरावट आने से निर्यात की जाने वाली चीजों की लागत कम हो जाती है. भारतीय IT सर्विस, दवाईंया, बासमती चावल और अन्‍य भारतीय सामान के दाम में कमी आ जाती है. इसके अलावा, विदेभ से भेजे जाने वाले पैसे की वैल्‍यू भारत में बढ़ जाती है. साथ ही भारत विदेशी पर्यटकों के लिए सस्ता हो जाता है. 

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क्‍या चीजें हो जाएंगी महंगी? 
रुपया कमजोर होने से आयात महंगा हो जाता है, जिस कारण क्रूड ऑयल जैसी चीजों के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं. इसके अलावा, एलपीजी, एलएनजी के लिए भी ज्‍यादा पैसे देने पड़ जाते हैं. साथ ही इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स प्रोडक्‍ट्स जैसे मोबाइल, लैपटॉप भी महंगे हो जाते हैं. इम्‍पोर्ट की जाने वाली गाड़‍ियों की वैल्‍यू भी बढ़ जाती है. विदेश में पढ़ाई भी महंगी हो जाती है. सोने-चांदी की कीमत डॉलर पर निर्भर करती है, जिस कारण सोना-चांदी भी महंगी हो जाती है. विदेशी कंपनियों के प्रोडक्‍ट्स भी महंगे हो जाते हैं. 

95 लेवल तक लुढ़क सकता है रुपया
रुपया के लगातार कमजोरी के बीच, भारतीय करेंसी को लेकर एक्‍सपर्ट का दावा है कि रुपया 95 तक गिर सकता है. ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में Goldman Sachs के चीफ इकोनॉमिस्ट संतनु सेन गुप्ता ने चेतावनी दी है कि अगर वॉर लंबे समय तक चलता है और कच्‍चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जाती है तो अगले एक साल में भारतीय करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 तक फिसल सकती है. 

रुपये के गिरने से भारत पर क्‍या असर? 
डॉलर में तेजी और रुपये के गिरावट होने से एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ में कमी आ सकती है. देश भर में महंगाई बढ़ सकती है और लोगों के कर्ज के ब्‍याज में भी इजाफा हो सकता है. 

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