पेट्रोल-डीजल की कीमतें भारत में अभी और बढ़ (Petrol-Diesel Price Hike) सकती हैं. मिडिल ईस्ट संघर्ष के लंबा खिंचने के साथ ही आईएमएफ की पूर्व डिप्टी एमडी गीता गोपीनाथ ने ये चेतावनी दी है. उन्होंने अलर्ट करते हुए कहा है कि भारत को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में महंगाई की मार पड़ सकती है, जबकि इंडियन करेंसी रुपया में भी डॉलर के मुकाबले और गिरावट आ सकती है.
हार्वर्ड की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने भारत के लिए ये ट्रिपल वॉर्निंग देते हुए कहा है कि अगर मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव जून तक और गहराता है, तो फिर ये भारत के लिए बेहद खराब साबित हो सकता है और फ्यूल प्राइस ही नहीं महंगाई और कम ग्रोथ से जूझना पड़ सकता है.
तेल, LPG से खाद तक संकट ही संकट
इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में गीता गोपीनाथ ने कहा कि इस संघर्ष ने तेल, एलपीजी, एलएनजी और फर्टिलाइजर्स को प्रभावित करते हुए एक वैश्विक आपूर्ति संकट (Global Supply Chain Crisis) का रूप ले लिया है. इनकी कमी अब बढ़ती कीमतों जितनी ही गंभीर हो चुकी है. आईएमएफ की पूर्व डिप्टी एमडी गोपीनाथ ने आगे कहा कि, 'हम निश्चित रूप से भारत में यह देख रहे हैं, क्योंकि देश तेल-गैस के लिए मिडिल ईस्ट पर बहुत अधिक निर्भर है. अब यहां पर सिर्फ कीमतों की बात नहीं रह गई है, बल्कि बात कमी की भी है.'
होर्मुज टेंशन जारी, 140 डॉलर होगा तेल
गीता गोपीनाथ ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है, जबकि लंबे समय से दुनिया की तेल-गैस जरूरत को पूरा करने के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित चल रही है और दुनिया में Oil-Gas Crisis गहरा चुका है.
एनर्जी क्राइसिस और सप्लाई में रुकावट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल आने की आशंका भी गीता गोपीनाथ ने जाहिर की है. उन्होंने कहा कि तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. अगर जून तक आपूर्ति में रुकावट जारी रहती है, तो फिर मौजूदा स्थिति काफी बिगड़ सकती है. उन्होंने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि हम खासतौर पर जून में क्रूड ऑयल की कीमत इस स्तर के करीब देखेंगे.
पेट्रोल-डीजल से रुपया तक ट्रिपल वॉर्निंग
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका जाहिर करते हुए गीता गोपीनाथ ने भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है. जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को घरेलू ईंधन की कीमतों में और अधिक वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुत कम विकल्प हैं, क्योंकि यह संकट भारत के नियंत्रण से बाहर का झटका है.
गोपीनाथ ने कहा, 'हां, पेट्रोल पंप पर Petrol-Diesel Price Hike देखने को मिल सकता है. सरकार को थोड़ा अधिक राजकोषीय घाटा उठाना पड़ेगा, जिससे इस दर्द का कुछ हिस्सा आम लोगों और कंपनियों पर भी पड़ेगा. ईंधन महंगा होने से देश में महंगाई का दबाव भी बढ़ता जा रहा है और ये आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है. इसके अलावा तीसरा अलर्ट रुपये में और गिरावट को लेकर उन्होंने किया है.'
रुपया को लेकर गीता गोपीनाथ ने कहा है कि फरवरी में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 91 से गिरकर अब ये लगभग 97 हो गया है. उन्होंने तर्क दिया कि नीति निर्माताओं को इस बात पर जुनून सवार नहीं होना चाहिए कि रुपया मनोवैज्ञानिक 100 के अंक को पार करता है या नहीं. उन्होंने कहा, यह आंकड़ा विनिमय दर का वास्तविक मूल्य नहीं है, महत्वपूर्ण बात रोजगार, मंहगाई और उत्पादन है.
उनका तर्क है कि देश के पास अभी भी घबराहट से बचने के लिए पर्याप्त आर्थिक शक्ति है. जब उनसे गंभीर आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं इससे सहमत नहीं हूं, भारतीय अर्थव्यवस्था में कई क्षेत्रों में मजबूती है.'
7 से 9 रुपये बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
बता दें कि बीते सप्ताह लगातार दो बार भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है. पहली बार 15 मई को 3 रुपये प्रति लीटर, जबकि इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया. Gita Gopinath से पहले भी पेट्रोल-डीजल प्राइस हाइक को लेकर लगातार अलर्ट आ रहे हैं. तमाम एक्सपर्ट कच्चा तेल महंगा होने के चलते पेट्रोलियम कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान का हवाला देते हुए इनकी कीमतों में और बढ़ोतरी की बात कह रहे हैं.
बिजनेस टुडे के साथ इंटरव्यू के दौरान एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा ने होर्मुज संकट के कारण कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ी है. कई देशों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 80 फीसदी तक इजाफा किया है. वहीं भारत में तेल की कीमतें करीब 4 रुपये तक बढ़ी हैं. उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 7 से 9 रुपये तक बढ़ सकती हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी एकसाथ नहीं होगी.
आजतक बिजनेस डेस्क