तेल-गैस का संकट खत्‍म? स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे भारत के 20 टैंकर, ईरान से चल रही बात

तेल और एलपीजी का संकट खत्‍म हो सकता है, क्‍योंकि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए भारत के 20 टैंकर तैयार हैं. बस ईरान से कंफर्मेशन का इंतजार किया जा रहा है. भारत और ईरान के बीच सुरक्षा को लेकर बात चल रही है.

Advertisement
स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए तैयार भारत. (File Photo: ITG) स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए तैयार भारत. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

भारत और ईरान के बीच स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत चल रही है, ताकि खाड़ी देशों से तेल का आयात हो सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्‍ट्रपति के साथ बात की है. वहीं अब खबर आ रही है कि 20 टैंकरों को सुरक्षित 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' से पार कराने के लिए भारत और ईरान के बीच बातचीत चल रही है. 

Advertisement

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 20 तेल टैंकरों में से 10 टैंकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी भारतीय रिफाइनरियों द्वारा अनुबंधित एलपीजी ले जा रहे हैं, जबकि पांच टैंकर कच्चा तेल लेकर जा रहे हैं. बाकी टैंकर अन्‍य रिफाइनरियों के लिए हैं. 

LPG और LNG के लिए इसी क्षेत्र पर निर्भर है भारत 
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये खेप भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो अपनी तेल और गैस आपूर्ति के लिए पश्चिम एशिया पर बहुत अधिक निर्भर है. इसके एलएनजी का दो-तिहाई और इसके एलपीजी आयात का लगभग पूरा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. ईरान और भारत के बीच बातचीत विदेश मंत्रालय के स्‍तर पर चल रही हैं, जो ऐसे समय में हो रही हैं जब फारस की खाड़ी में चल रहे संघर्ष के कारण संकरा जलमार्ग प्रभावी रूप से बंद है. 

Advertisement

पारस की खाड़ी में भारत के 28 जहाज 
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल के दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ तीन वार्ताएं की हैं. सरकार ने गुरुवार को एक जानकारी देते हुए बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज काम कर रहे हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज के वेस्‍ट में स्थित हैं, जिनमें 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में हैं, जिनमें 101 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं. 

होमुर्ज बंद रहने का ऐलान 
गुरुवार को ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा. सर्वोच्च नेता का पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करके अमेरिका और इजराइल के खिलाफ दबाव बनाएगा.

बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे होकर विश्व के कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में तेजी आने के बाद से कच्चे तेल, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से भरे टैंकर इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement