Middle East Oil War: समंदर में भटक रहे जहाज... तेल प्लांट पर हमले, अचानक युद्ध लेने लगा आर्थिक तबाही का रूप

Oil War Impact: मिडिल-ईस्ट युद्ध में अब ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी जा रही हैं. कतर में दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट पर ईरान का हमले ने Oil-Gas Crisis झेल रही दुनिया के लिए चिंता और बढ़ा दी है.

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मिडिल ईस्ट में तेल-गैस प्लांटों को बनाया जा रहा निशाना. (File Photo: ITG) मिडिल ईस्ट में तेल-गैस प्लांटों को बनाया जा रहा निशाना. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

मिडिल-ईस्ट में युद्ध अब तेज हो चुका है और अब ये तेल युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है. Oil-Gas प्लांटों पर दनादन मिसाइल अटैक हो रहे हैं, जिससे पहले से जारी तेल संकट और भी गहराता जा रहा है. ये युद्ध 20वें दिन में एंट्री ले चुका है और जिस तरह से अटैक देखने को मिल रहे हैं, उनसे ये हाल-फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. 

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जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने और खाड़ी देशों में तेल उत्पादन ठप पड़ने की वजह से क्रूड की कीमतों में एक बार फिर से उबाल आना भी शुरू हो गया है और कई दिनों से 100 डॉलर के आसपास स्थिर Crude Oil Price गुरुवार को अचानक तेज रफ्तार से भागते हुए 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.   

Oil War में बदली मिडिल ईस्ट की जंग 
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के शुरुआती दिनों में मिलिट्री बेस और बड़े नेताओं के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा था और दोनों ओर से हो रहे हमलों में एनर्जी सुविधाओं को टारगेन नहीं किया गा था, लेकिन फिर भी तेल की कीमतों बढ़ने लगी थीं. वहीं अब हालात पूरी तरह से बदले-बदले नजर आ रहे हैं और हर ओर से मिसाइलों के निशाने पर एनर्जी फील्ड आ गए हैं. तेल-गैस के कुएं हमले में तबाह होते जा रहे हैं. इस हिसाब से Middile East War एक तरह से Oil War में तब्दील हो चुकी है. 
 
इन बड़े एनर्जी फील्ड पर हमले
अमेरिका ने ईरान के तेल टर्मिनल कहे जाने वाले खर्ग द्वीप पर अटैक किया और फिर ट्रंप ने धमकी दी कि वहां मौजूद एनर्जी सुविधाओं को अगला निशाना बनाने की धमकी दी और अब इजरायल ने साउथ पार्स गैस फील्ड पर बड़ा हमला हुआ है. ईरान भी यूएल बेस को नहीं, बल्कि एनर्जी साइट को निशाना बना रहा है.  

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ईरान ने कतर में रास लाफान स्थिति सबसे बड़ी LNG गैस साइट पर हमला कर दिया.  ये दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी साइट है. अन्य हमलों की बात करें, तो अबू धाबी रुवैस रिफाइनरी पर ईरानी अटैक हुआ, तो वहीं सऊदी अरब स्थिति कियारास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक से उत्पादन ठप हो गया. 

समंदर में फंसे तेल के जहाज
इस युद्ध के चलते पहले से ही दुनिया की 20 फीसदी तेल-गैस सप्लाई में अहम रोल निभाने वाला होर्मुज स्ट्रेट बंद है और इनमें तमाम देशों में हड़कंप सा मचा दिया है. चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, विएतनाम से लेकर भारत-ब्रिटेन तक में इसका असर साफ दिखा है और Oil-Gas Crisis से महंगाई की तगड़ी मार पड़ती नजर आने लगी है.

पाकिस्तान, श्रीलंका से लेकर ब्रिटेन तक में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. कई एक्सपर्ट्स कह चुके हैं कि अगर संकट लंबा हुआ, तो क्रूड ऑयल की कीमतें नए रिकॉर्ड बना सकती हैं और आयात पर निर्भर तमाम देशों में Petrol-Diesel Price बढ़ सकते हैं. भारत में LPG Crisis के रूप में मिडिल ईस्ट युद्ध का बड़ा असर दिखा है. 

होर्मुज बंद होने से तेल-गैस से लदे जहाज जहां के तहां फंसे है और भटक रहे हैं. हालात ये हैं कि किसी और देश के लिए निकले जहाज कहीं और के लिए मुड़ रहे हैं. भारत की शिपिंग मिनिस्ट्री ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि 11 भारतीय जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं और इनमें 2.2 मिलियन टन एलपीजी, क्रूड, एनएनजी मौजूद है. 

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कैसे आर्थिक तबाही का सबब बना युद्ध? 
जैसा कि बताया, अमेरिका-इजारायल और ईरान के बीच जब युद्ध की शुरुआत बीते 28 फरवरी को हुई थी, तो शुरुआत में बड़े नेताओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा था. अब ये आगे बढ़ते हुए आर्थिक तबाही वाला युद्ध बन गया है और इससे पूरी दुनिया सकते हैं. तेल-गैस के कुओं को तबाह करने से एनर्जी सप्लाई चेन गड़बड़ा रही है और महंगाई का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है.

यूरोप से लेकर भारत तक में गैस की पैनिक बॉइंग बढ़ गई है और कीमतों में इजाफा हुआ है. इसके साथ ही आयात पर निर्भर चीजों की कीमतों में बंपर उछाल देखने को मिल रहा है. प्लास्टिक, खाद, दवाओं से लेकर खाने-पीने की चीजें महंगी हो रही है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अनुमान जाहिर किया जा रहा है कि Middle East War तीन महीने से ज्यादा समय तक चल सकता है और अगर ऐसा होता है तो एक्सपर्ट्स की आशंका के मुताबिक, संकट भारी हो सकता है और इसका असर आम आदमी से लेकर देशों की इकोनॉमी तक पर नजर आ सकता है. 

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