मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल पहुंचने की खबरें चर्चा में थी, जिन्हें लेकर अब Reliance की ओर से बड़ा बयान जारी किया गया है. रिलायंस की ओर से इस तरह के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन खबरों को 'साफ झूठ' करार दिया गया है. इस वायरल रिपोर्ट के बाद देश की सबसे मूल्यवान कंपनी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर भी ये बयान जारी कर तस्वीर साफ की गई है.
रिपोर्ट में दावा, RIL ने बताया झूठ
बता दें कि ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रशियन ऑयल से लदे तीन जहाज (Russia Oil) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी जा रहे हैं. इसमें कहा गया था कि रिलायंस ने एक बार फिर से रूस से तेल खरीदना शुरू कर दिया है और इन जहाजों पर करीब 22 लाख बैरल यूराल्स तेल है. इस खबर के आने के बाद अब रिलायंस की ओर से इसका खंडन किया गया है और कहा गया है कि ये रिपोर्ट सरासर झूठ है.
'ये छवि खराब करने की कोशिश'
Reliance Industries की ओर से बताया गया है कि जामनगर रिफाइनरी को पिछले लगभग तीन हफ्तों में रशियन ऑयल (Russian Oil) का कोई कार्गो नहीं मिला है और जनवरी में भी रशियन क्रूड ऑयल की कोई डिलीवरी होने की उम्मीद नहीं है. मुकेश अंबानी की कंपनी की ओर से जारी बयान में ऐसी खबरों का खंडन करते हुए कहा गया है कि, 'हमें बहुत दुख है कि जो लोग फेयर जर्नलिज़्म में सबसे आगे होने का दावा करते हैं, उन्होंने RIL के जनवरी में डिलीवर होने वाले किसी भी रशियन ऑयल को खरीदने से इनकार करने को नज़रअंदाज किया और हमारी छवि को खराब करने वाली एक गलत रिपोर्ट पब्लिश की.'
जामनगर में सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी
रिलायंस गुजरात के जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनर्स परिसर का संचालन करती है. बीते साल के नवंबर महीने में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने बड़ा फैसला लेते हुए गुजरात के जामनगर (Jamnagar) स्थित अपनी एक्सपोर्ट रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का उपयोग रोक दिया था और इसे रिलायंस ने यूरोपीय यूनियन के प्रतिबंधों का पालन करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया था.
RIL भारत में रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रही है, जिसे वह जामनगर रिफाइनरी में रिफाइन करके पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) में बदला जाता था. पुरानी रिपोर्ट्स की मानें, तो भारत को भेजे जाने वाले प्रतिदिन 1.7-1.8 मिलियन बैरल रियायती रूसी कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा रिलायंस खरीदती थी, लेकिन फिर कंपनी ने इस खरीद को रोक दिया था.
आशुतोष मिश्रा