अमेरिका के साथ ईरान के सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार है, होर्मुज को लेकर घमासान जारी है और इसके साथ ही तेल-गैस को लेकर दुनिया की टेंशन भी हाई बनी हुई है. लेकिन एक ओर जहां मिडिल ईस्ट युद्ध ने अमेरिका में तेल की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं तेल पर निर्भर खुद ईरान की इकोनॉमी को भी तगड़ा झटका लगा है. वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे ज्यादा महंगाई दर वाले देशों की लिस्ट में ईरान वेनेजुएला के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है.
तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में भी आंकड़ों के साथ बीते कुछ दिनों में ईरान की गंभीर स्थिति को दर्शाया गया है कि युद्ध के बीच आसमान छूती महंगाई में ईरान के लोगों की खाद्य सुरक्षा पर बड़ा संकट आ गया है. अब दुनिया में महंगाई से सबसे ज्यादा त्रस्त देशों की लिस्ट में भी ईरान ऊपर चढ़ता जा रहा है.
वेनेजुएला के बाद ईरान का नंबर
वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर डालें, तो ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई दर वेनेजुएला में 612% है और इसके बाद अर्जेंटीना के बजाय अब ईरान का नाम शामिल है, जहां सालाना महंगाई दर 50% हो चुकी है.
बीते सप्ताह आई एक रिपोर्ट में ईरान में महंगाई की मार की तस्वीर पेश करते हुए कहा गया था कि Iran Inflation की रफ्तार हालिया कुछ समय में सबसे ज्यादा रही है और ये लगातार ईरानियों को गरीब बना रही है. तेहरान की एक निवासी के हवाले से अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया कि हम अब उन कुछ चीजों को खरीदने का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं, जो कुछ महीने पहले तक खरीद सकते थे. इसके पीछे वजह है कि युद्धग्रस्त ईरान में खासतौर पर खाद्य महंगाई (Iran Food Inflation) में आए उछाल के कारण लोगों की कमाई का बड़ा हिस्सा बुनियादी जरूरत के सामनों पर खर्च हो रहा है.
इसमें आंकड़े देते हुए बताया गया था कि वनस्पति तेल की कीमतों में सबसे अधिक 350% से ज्यादा, आयातित चावल की कीमतों में 200%, ईरानी चावल की कीमतों में 175% प्रतिशत और चिकन की कीमतों में 190% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
इन 10 देशों में महंगाई का कोहराम
दुनिया के तमाम देशों में सालाना महंगाई दर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जिन देशों में महंगाई सबसे ज्यादा कोहराम मचा रही है, उनकी टॉप-10 लिस्ट में पहले नंबर पर वेनेजुएला, जबकि दूसरे नंबर पर ईरान का नाम है. वहीं अन्य देशों की बात करें, तो अर्जेंटीना (32.4%), तुर्किए (32.37%), लेबनान (17.3%), नाइजीरिया (15.69%), इजिप्ट (14.9%), पाकिस्तान (10.9%), कजाखिस्तान (10.6%) और बांग्लादेश (9.05%) शामिल हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क