इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 के पहले दिन शुक्रवार को अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने मिडिल ईस्ट युद्ध से तेल-गैस की सप्लाई में रुकावट पर खुलकर बात की. इसके साथ ही उन्होंने अडानी ग्रुप की स्ट्रेटजी का जिक्र करते हुए बताया कि Adani Group कैसे काम करता है और किन-किन चीजों पर फोकस रहता है. उन्होंने कहा ग्रुप की रणनीति शॉर्ट टर्म रिजल्ट के बजाय लॉन्गटर्म टारगेट्स पर केंद्रित है.
तीन सेक्टर्स पर अडानी ग्रुप का फोकस
करण अडानी ने बताया कि अडानी ग्रुप भले ही तमाम अलग-अलग सेक्टर्स में काम करता है, लेकिन वास्तव में हमारा बिजनेस कुछ कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित हैं और इनमें से तीन सबसे प्रमुख हैं, एनर्जी, लॉजिस्टिक और फ्यूचर इकोनॉमी को सहारा देने वाले मैटेरियल्स. ऊर्जा परिवर्तन से लेकर औद्योगिक सामग्री से संबंधित क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण ग्रोथ की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि अगर कोई अडानी समूह को समझने की कोशिश कर रहा है, तो गौर से देखें समूह तीन इन प्रमुख क्षेत्रों में काम करता है.
पहला: एनर्जी
करण अडानी के अनुसार, Adani Group का पहला प्रमुख क्षेत्र एनर्जी है. इसका लक्ष्य भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा प्राथमिकताओं का समर्थन करते हुए किफायती बिजली का उत्पादन करना और उपभोक्ताओं तक इसे सस्ता पहुंचाना है. उन्होंने कहा, एक ग्रुप के रूप में हमारा मानना है कि हमें ऐसी ऊर्जा का उत्पादन करना होगा जो उपभोक्ता के लिए सबसे सस्ती हो और साथ ही सरकार के लॉन्गटर्म विजन के अनुरूप भी हो.
अडानी ग्रुप के पास थर्मल पावर है, हमने रिन्यूअल एनर्जी की शुरुआत की है, और अब हम बैटरी स्टोरेज की ओर बढ़ रहे हैं. इसके अलावा कंपनी डेटा सेंटर क्षेत्र में भी प्रवेश कर रही है.
दूसरा: लॉजिस्टिक
करण अडानी के मुताबिक, अडानी ग्रुप का दूसरा प्रमुख क्षेत्र पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर है. कंपनी का लक्ष्य विभिन्न बुनियादी इंफ्रा एसेट्स को आपस में जोड़ना और एक एकीकृत नेटवर्क बनाना है, जिससे देश के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सके. उन्होंने कहा कि पोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, हवाई अड्डे और अन्य ट्रांसपोर्टेशन सुविधाएं इस क्षेत्र का हिस्सा हैं. हम भारत के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के उद्देश्य से इन्हें एकीकृत करने का प्रयास करते हैं.
तीसरा: मैटेरियल्स
अडानी पोर्ट्स के एमडी करण अडानी ने कहा कि ग्रुप का तीसरा प्रमुख क्षेत्र सामग्री और औद्योगिक संसाधन है. दो प्रमुख वैश्विक रुझानों के कारण यह क्षेत्र तेजी से बढ़ते हुए अब खासा महत्वपूर्ण हो गया है. पिछले 5 सालों में वैश्विक स्तर पर दो बड़े रुझान उभरे हैं, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ना, और डिजिटल इकोनॉमी. इन परिवर्तनों के लिए विशिष्ट कच्चे माल और औद्योगिक क्षमताओं की आवश्यकता होती है. हमने यह पता लगाया है कि इन दोनों परिवर्तनों के लिए किन सामग्रियों की आवश्यकता है. सीमेंट, एल्युमीनियम और तांबा जैसे मैटेरियल्स समूह की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जबकि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग भी इससे जुड़ा हुआ है.
आजतक बिजनेस डेस्क