India-US Trade Deal: तेल और विमान के अलावा अमेरिका से भारत क्या-क्या खरीदेगा? रॉयटर्स की रिपोर्ट

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान अमेरिकी राष्‍ट्रप‍ति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कर दी है. उन्‍होंने भारत पर से 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करने की बात कही है. हालांकि अब एक रिपोर्ट में तेल, डिफेंस, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, फार्मा और विमान जैसी चीजें अमेरिका से खरीदने का दावा किया गया है.

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौता. (Photo: File/ITG) भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौता. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली ,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:14 PM IST

भारत अमेरिका से पेट्रोलियम, डिफेंस, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, फार्मास्‍यूटिकल्‍स, टेलीकॉम प्रोडक्‍ट्स और विमान खरीदने वाला है. यह दावा रॉयटर्स की रिपोर्ट में किया गया है. इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दोनों पक्षों की बातचीत के बाद ट्रेड डील पर अधिकारिक मोहर जल्‍द लगेगी. इस डील का उद्देश्‍य भारत के साथ अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना है और आने वाले सालों में इससे कई सेक्‍टर्स पर प्रभाव पड़ने की उम्‍मीद है. 

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रॉयटर्स की रिपोर्ट का दावा है कि अधिकारी ने यह भी बताया कि भारत ने कुछ एग्रीकल्‍चर वस्‍तुओं के अपने बाजार खोलने की बात कही है. हालांकि इसके बारे में कोई डिटेल का खुलासा नहीं किया गया है. वहीं एक्‍सपर्ट्स भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ऐलान के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं, जिसमें ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने अमेरिका पर '0' फीसदी टैरिफ लगाएगा. 

भारत 500 अरब डॉलर का खरीदेगा ये प्रोडक्‍ट्स 
अमेरिकी राष्‍ट्रप‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत 'काफी उच्च स्तर पर अमेरिकी उत्पाद खरीदने' पर सहमत हो गया है और वह 500 अरब डॉलर तक के अमेरिकी एनर्जी, कोयला, टेक्‍नोलॉजी, एग्रीकल्‍चर और अन्‍य उत्‍पाद खरीद सकता है. 

ऑटो पर घटेगा टैरिफ
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से अमेरिका के एक महत्वपूर्ण अनुरोध के जवाब में भारत ने समझौते के तहत ऑटोमोबाइल पर टैरिफ कम कर दिए हैं. इसका मतलब है कि अमेरिका से भारतीय बाजार में आने वाली गाड़ियों पर कम टैरिफ लगेगा और ये पहले से कम कीमत पर मिल सकते हैं. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारतीय सरकारी अधिकारी ने कहा कि ये उपाय मौजूदा व्यापार असंतुलन को दूर करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं. 

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 भारत ने अभी अधिकारिक ऐलान नहीं किया
अधिकारी ने मौजूदा समझौते को पहली किश्त बताया और कहा कि आने वाले महीनों में आगे की बातचीत से इसका दायरा बढ़ने की उम्मीद है. निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा, शुरुआती कारोबार में भारत का निफ्टी 50 सूचकांक लगभग 3 प्रतिशत बढ़ा और रुपया 1% से अधिक मजबूत होकर 90.40 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. भारत के व्यापार मंत्रालय ने अभी तक समझौते पर कोई आधिकारिक टिप्पणी या कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच के संबंध में कोई और जानकारी नहीं दी है 

गौरतलब है कि वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर के बीच भारत का अमेरिका को निर्यात सालाना आधार पर 15.88 प्रतिशत बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 46.08 अरब डॉलर रहा. 

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