India-US Trade Deal: विमान, तेल, फल और शराब... अमेरिका से क्या-क्या खरीदेगा भारत, डॉक्यूमेंट आउट
भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर के कई औद्योगिकी और टेक्नोलॉजी वस्तुएं खरीदने की सहमति जताई है. वहीं अमेरिका भी भारत के लिए 30 ट्रिलियन का मार्केट खोलने जा रहा है.
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भारत और अमेरिका व्यापार समझौता. (Photo: File/ITG)
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क का डॉक्यूमेंट आउट हो चुका है. दोनों देशों ने कई चीजों को लेकर अपनी सहमति जाहिर की है. अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगे एक्स्ट्रा 25 प्रतिशत टैरिफ को हटा दिया है और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जो 7 फरवरी से प्रभावी है.
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वहीं भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर तक कई वस्तुओं को खरीदने की सहमति जाहिर की है. यह फ्रेमवर्क भारत और अमेरिका के बीच 13 फरवरी से शुरू हो रहे व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाएगा. इस वार्ता के तहत दोनों देशों के लिए बाजार पहुंच बढ़ेगी, सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा और टैरिफ बैरियर को समाप्त किया जाएगा. इस डील के तहत भारत को अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट मिल जाएगा, जिससे एमएसएमई, मछुआरों और महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा.
500 अरब डॉलर: फ्रेमवर्क के तहत कहा गया है कि भारत अमेरिका से अगले 5 सालों में 500 अरब डॉलर की कीमत के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है.
इन चीजों पर कम या शून्य टैरिफ: भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेसिंग फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट और अन्य उत्पादों समेत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने या खत्म करेगा.
आईटीसी के लिए लाइसेंसिंग प्रॉसेस समाप्त: भारत ने अमेरिकी इंफॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करने या उन पर कम प्रतिबंध लगाने वाली प्रतिबंध वाले आयात लाइसेंसिंग प्रॉसेस को समाप्त करने पर भी सहमति व्यक्त की है, साथ ही अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति जताई है.
संयुक्त बयान के अनुसार, भारत ने समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर यह निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की है कि क्या अमेरिकी-विकसित या अंतरराष्ट्रीय मानक, जिनमें परीक्षण आवश्यकताएं भी शामिल हैं, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी निर्यात के लिए सेलेक्टेड एरिया में स्वीकार्य करेगा.
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दोनो देशों को संयुक्त लाभ
वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत पारस्परिक रूप से सहमत क्षेत्रों के लिए अपने-अपने मानकों और प्रक्रियाओं के आधार पर चर्चा करने का इरादा रखते हैं. दोनों देश ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाले अन्य सामानों समेत टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में व्यापार बढ़ाएंगे और संयुक्त टेनोलॉजी सहयोग का विस्तार करेंगे.
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार के तहत मजबूत, महत्वपूर्ण और पारस्परिक तौर पर लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों को हासिल करने के लिए एक स्पष्ट मार्ग तय करने के अलावा, भेदभावपूर्ण और बोझिल प्रथाओं और डिजिटल व्यापार में अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है.
दोनों देश अपने-अपने हित के क्षेत्रों में एक-दूसरे को तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं. कुछ इस तरह से नियम बनाए जाएंगे कि इस समझौते का लाभ दोनों देशों को बराबर मिले.
आजतक बिजनेस डेस्क