IMF Warns China: 'दुनिया को चोट पहुंचा रहा चीन...', IMF की ड्रैगन को चेतावनी, सुधार ले ये गलती

IMF Warning To China: चीन की Economic Policy को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ड्रैगन इनके जरिए खुद के साथ ही दुनिया को नुकसान पहुंचा रहा है.

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चीन को दी चेतावनी. (Photo: AP) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चीन को दी चेतावनी. (Photo: AP)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

चीन को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने बड़ी चेतावनी (IMF Warns China) दी है. ड्रैगन की आर्थिक नीतियों (China Economic Policies) की कड़ी आलोचना करते हुए वैश्विक निकाय ने साफ कहा है कि चीन अपनी नीतियों से न सिर्फ खुद को चोट दे रहा है, बल्कि दुनिया के तमाम अन्य देशों को भी नुकसान पहुंचा रहा है. उसे तत्काल प्रभाव से अपनी गलतियों को सुधारते हुए घरेलू उपभोक्ता खर्च पर आधारिक मॉडल को अपनाना चाहिए. 

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IMF ने चीन को दी ये चेतावनी 
IMF ने एक रिपोर्ट में चीन को ये चेतावनी दी है. दरअसल, ब्लूमबर्ग के मुताबिक, आईएमएफ के कार्यकारी निदेशकों ने 18 फरवरी को चीनी अर्थव्यवस्था (China Economy) को लेकर अपनी सालाना समीक्षा के दौरान जारी किए गए बयान में उसे वॉर्निंग दी है. इसमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा को ने चीन के बड़े चालू खाता अधिशेष (China Current Account Surplus) पर फोकस किया, जिसका बिजनेस पार्टनर्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. 

आईएमएफ ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि अधिशेष बहुत बड़ा है. चीनी निर्यात में आई तेजी के बीच ये अधिशेष 73% की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, निर्यातित वस्तुओं का आयातित वस्तुओं से रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर अधिक होने के कारण पिछले वर्ष चीनी अधिशेष इसकी जीडीपी का 3.7% तक पहुंच गया था. दूसरी ओर युआन (Renminbi) की कीमत टूटने से चीनी निर्यात को फायदा पहुंच रहा है, लेकिन उसकी घरेलू डिमांड कमजोर पड़ती जा रही और आयात में कमी आ रही है, ये डिफ्लेशन उसके लिए बड़ी चिंता का विषय हैं.

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गोल्डमैन सैश ने भी चेताया था
आईएमएफ से पहले चीन की इकोनॉमिक पॉलिसियों के दुनिया पर नकारात्मक प्रभावों की चेतावनी गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री भी दे चुके हैं. बीते साल नवंबर में जारी किए गए एक एनालिसिस में कहा गया था कि चीन की बढ़ती निर्यात (China Export) क्षमता का सीधा मतलब बाकी की ग्लोबल इकोनॉमी पर निगेटिव इम्पैक्ट है. अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी चीन द्वारा दुनिया को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे को उजागर किया गया है. 

IMF ने यहां भी दिया चीन झटका 
2025 में चीन के सकल घरेलू उत्पाद (China GDP) में 5% की ग्रोथ देखने को मिली थी, जो बीजिंग के आधिकारिक लक्ष्य के अनुरूप रही थी. हालांकि, अब आईएमएफ का अनुमान है कि इस वर्ष चीन की यह वृद्धि दर धीमी (China Growth Rate Slowdown) होकर 4.5% रह जाएगी. कई अर्थशास्त्री अनुमान लगा रहे हैं कि चीन अगले महीने 2026 के लिए अपना लक्ष्य 4.5% से 5% के बीच निर्धारित करेगा.

वॉर्निंग के साथ चीन को बड़ी सलाह
रिपोर्ट के मुताबिक, IMF ने चीन की आर्थिक नीतियों से देश में अपव्यय और विदेशों में नुकसान होने की बात कही है. इस चेतावनी के साथ ही वैश्विक निकाय ने ड्रैगन को सलाह देते हुए कहा है कि बीजिंग को घरेलू उपभोक्ता खर्च पर आधारित मॉडल अपनाने चाहिए और अपने दृष्टिकोण में बदलाव करना चाहिए. 

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आईएमएफ ने कहा कि चीन को घरेलू उपभोग पर बेस्ड ग्रोथ मॉडल की ओर आगे बढ़ने को प्राथमिकता देनी चाहिए और इसे लागू करना चाहिए. ताकी अर्थव्यवस्था को निर्यात पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू खपत की ओर ले जाया जाए. हालांकि, IMF Board में शामिल चीन के प्रतिनिधि झांग झेंगक्सिन ने इस आलोचना का खंडन किया है और कहा कि 2025 में चीन का एक्सपोर्ट ग्रोथ प्रमुख तौर पर प्रतिस्पर्धात्मकता और इनोवेशन क्षमता से प्रेरित रही. 

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