भारत रुकने वाला नहीं है, चाहे अमेरिकी राष्ट्रपति कितने ही टैरिफ बम (Trump Tariff Bomb) क्यों न फोड़ लें? ये हम नहीं कह रहे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने एक बार फिर भारत का लोहा माना है और अपनी ताजा आउटलुक रिपोर्ट में देश की जीडीपी ग्रोथ (India GDP Growth) का अनुमान बढ़ा दिया है. आईएमएफ ने FY 2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 70 बेसिस पॉइंट बढ़ाते हुए 7.3% कर दिया है.
तीसरी तिमाही के नतीजों ने भरा जोश
भारत की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार को देखते हुए IMF ने फिर भारत पर भरोसा जताते हुए जीडीपी ग्रोथ के पूर्व अनुमान में संशोधन किया है. FY2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान अब वैश्विक निकाय ने 0.7% की बढ़ोतरी के साथ 7.3% कर दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि Q3 में उम्मीद से बेहतर नतीजे और चौथी तिमाही में मजबूत रफ्तार नजर आ रही है. साइक्लिकल और टेंपररी फैक्टर्स के कम होने पर हालांकि, 2026 और 2027 में ग्रोथ रेट 6.4% तक रहने का अनुमान है.
सबसे तेज रहेगी इंडियन इकोनॉमी
भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में ये इजाफा अन्य दूसरे देशों की तुलना में इस बात की ओर इशारा करता है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं (India Fastest Growing Economices In World) की लिस्ट में टॉप पर बना रहेगा. चीन के लिए FY2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ (China GDP Growth) का अनुमान 5% लगाया गया है, जबकि 2026 में ये 4.5% और 2027 में इसके 4% की रफ्तार से भागने का अनुमान जाहिर किया गया है.
विश्व बैंक ने भी बढ़ाया है अनुमान
IMF से पहले वर्ल्ड बैंक ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपना भरोसा बरकरार रखते हुए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाते हुए (World Bank Rise India's GDP Growth Forecast) 7.2% कर दिया, इससे पहले जून 2025 में जताया गया अनुमान 6.3% था. विश्व बैंक ने इसमें 90 बेसिस पॉइंट का इजाफा करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इंडियन इकोनॉमी की रफ्तार पर अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव बेहद सीमित रहेगा.
Deloitte ने कहा- इतनी रहेगी रफ्तार
आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ही नहीं, बल्कि Deloitte ने वित्त वर्ष 2026 में इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 7.5% से 7.8% रहने का अनुमान जताया है. एजेंसी ने कहा है कि मजबूत घरेलू डिमांड और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में मजबूती के चलते देश की रफ्तार तेज रहेगी. बीते दिनों आई डेलॉयट इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि ग्लोबल ट्रेड टेंशन और ट्रंप टैरिफ की वजह से व्यापार में व्यवधान, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नीतिगत बदलाव और अस्थिर कैश फ्लो समेत कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद FY26 की पहली छमाही में भारत नॉमिलन जीडीपी में 8% की ग्रोथ के साथ आर्थिक प्रदर्शन की दृष्टि से बेहतर बना हुआ है.
आजतक बिजनेस डेस्क