ईरान के साथ युद्ध और होर्मुज को लेकर तनाव, सिर्फ यही अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की चिंता नहीं है, बल्कि Donald Trump की नई टेंशन दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी पर बढ़ता कर्ज का बोझ है, जो देश की जीडीपी से भी ज्यादा (US Debt More Than GDP) हो चुका है. ऐसा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार हुआ है और ये अमेरिकी सरकार के वित्तीय बोझ में भारी बढ़ोतरी का साफ उदाहरण है. कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट द्वारा ये चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए गए हैं.
कर्ज तले दबकर कराह रहा अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार पर बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है. बीते दिनों कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट द्वारा किए गए एनालिसिस में सामने आया कि अप्रैल महीने के अंत में देश पर कर्ज 31.27 ट्रिलियन डॉलर था, जो अप्रैल 2025 और मार्च 2026 के बीच अमेरिकी जीडीपी (US GDP) 31.22 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा रहा.
वहीं वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्क्स के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2026 में US National Debt उछलकर 39.2 ट्रिलियन डॉलर हो गया है. कोरोना महामारी के शुरुआती दौर को छोड़ दें, जबकि जीडीपी अस्थायी रूप से गिर गई थी. अमेरिकी कर्ज द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में सिर्फ दो वर्षों के लिए जीडीपी से अधिक हुआ था.
बढ़ते कर्ज की आखिर वजह क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, World War-II के दौरान संघीय खर्च में भारी वृद्धि हुई थी. वहीं पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के मुताबिक, अमेरिका के कर्ज में ताजा बढ़ोतरी के पीछे अलग वजह हैं. उनके अनुसार, ये टैक्स कटौती के अलावा ब्याज भुगतान पर सरकारी खर्च में वृद्धि है और बढ़ती उम्र वाली आबादी की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती हैं, जिससे मेडिकेयर और सोशल सिक्योरिटी जैसे कार्यक्रम पहले से कहीं ज्यादा महंगे होते जा रहे हैं.
अमेरिका अब राष्ट्रीय रक्षा या चिकित्सा देखभाल के लिए धन देने की तुलना में उस कर्ज को चुकाने में अधिक खर्च कर रहा है. इकोनॉमिस्ट जोनाथन विलियम्स का कहना है कि राष्ट्रीय ऋण पर नेट ब्याज भुगतान अब सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है.
World Of Statistics ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर अमेरिकी कर्ज में साल दर साल हो रही बढ़ोतरी के आंकड़े शेयर किए हैं, उन्हें देखें तो 10 साल के भीतर ही अमेरिका पर कर्ज का बोझ करीब दोगुना हो गया है. साल 2017 में US National Debt 20.2 ट्रिलियन डॉलर था, जो 2026 में 39.2 ट्रिलियन डॉलर हो गया. 1990 से तुलना करें, तो ये 3.2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर इस लेवल पर पहुंच चुका है.
2036 तक होगा $53 ट्रिलियन कर्ज
कांग्रेस बजट कार्यालय के अनुमान और भी ज्यादा डराने वाले हैं. उसके अनुसार, बड़े बदलावों के बिना, जनता पर बकाया कर्ज एक दशक में बढ़कर 53 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा, जो वर्तमान स्तर से 70% अधिक है. कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि इससे अमेरिका एक अस्थिर रास्ते पर आगे बढ़ता नजर आएगा.
पीटरसन फाउंडेशन के अनुसार, इस समस्या का कारण अमेरिकी राजस्व और खर्च के बीच का असंतुलन है. इसे साफ शब्दों में समझें तो अमेरिका टैक्स रेवेन्यू और अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली आय से कहीं अधिक खर्च कर रहा है, जिससे सरकार को संघीय कार्यक्रमों के वित्तपोषित करने के लिए ज्यादा कर्ज की जरूरत हो रही है.
देश का बढ़ता कर्ज कई आर्थिक समस्याओं को जन्म दे सकता है. पीटरसन फाउंडेशन के अर्थशास्त्रियों की मानें तो इनमें ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी भी शामिल है. निवेशक अमेरिका की वित्तीय स्थिरता पर भरोसा भी खो सकते हैं, जिससे अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग में गिरावट देखने को मिल सकती है. इसके अलावा अधिक कर्ज लेने से कीमतों पर भी दबाव बढ़ता है, जिसका अर्थ है कि अमेरिकी परिवारों के लिए रोजमर्रा की लागत बढ़ सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क