Trump Tariff Terror: फिर दिखेगा ट्रंप का टैरिफ 'टेरर'! युद्ध ईरान से और निशाने पर चीन, अब दी बड़ी वार्निंग

Donald Trump ने एक बार फिर से चीन को निशाने पर लिया है और ईरान युद्ध के चलते तेल-गैस संकट से जूझ रहे ड्रैगन को बड़ी चेतावनी दे डाली है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका की ईरान के साथ शांति वार्ता भी फेल हो गई है.

Advertisement
ईरान मुद्दे को लेकर ट्रंप ने दी चीन को धमकी. (Photo: PTI/Reuters) ईरान मुद्दे को लेकर ट्रंप ने दी चीन को धमकी. (Photo: PTI/Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

होर्मुज टेंशन खत्म होने से लेकर तेल संकट कम होने तक की उम्मीद एक बार फिर हवा हो गई है. अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 21 घंटे चली शांति वार्ता फेल हो गई है. इससे सवाल खड़ा हो गया है कि क्या US-Iran War फिर से भीषण रूप लेने वाला है. जहां ईरान-अमेरिका में बात नहीं बनी है, तो वहीं दूसरी ओर ट्रंप ने सीजफायर को लेकर अपने बयान के बीच ही टैरिफ टेरर फिर से शुरू करने के संकेत दे दिए थे और अब बातचीत फेल होने के बाद ये फिर से देखने को मिल सकता है. 

Advertisement

ट्रंप ने बीते दिनों उन देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए हाई टैरिफ लगाने की बात कही थी, जो ईरान को हथियारों की सप्लाई करते हैं. इस लिहाज से देखें, तो अमेरिका के निशाने पर सीधे तौर पर चीन और रूस जैसे देश हैं. खासतौर पर चीन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान को हथियार भेजे, तो ड्रैगन के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी.

ट्रंप का टैरिफ प्लान एक्टिव!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते बुधवार को ही ये संकेत दे दिए थे, कि उनका टैरिफ अटैक प्लान एक्टिव हो सकता है. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा था कि ईरान को सैन्य हथियार आपूर्ति करने वाले देशों को अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी सामानों पर हाई टैरिफ देना होगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने पोस्ट (Donald Trump Post) में लिखा था, 'ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका तुरंत 50% का टैरिफ लगाएगा, इसमें कोई छूट नहीं दी जाएगी.'

Advertisement

लगातार चीन की टेंशन बढ़ा रहे ट्रंप
अमेरिका की लड़ाई चाहे ईरान से हो, या बीते दिनों वेनेजुएला पर स्ट्राइक हो, डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर सबसे ऊपर चीन ही रहा है. जहां वेनेजुएला के तेल पर कंट्रोल कर, उसके सबसे बड़े खरीदार चीन की टेंशन ट्रंप ने बढ़ाई थी. वहीं अब ईरान से साथ युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भी सबसे ज्यादा प्रभावित ईरानी तेज का बड़ा खरीदार चीन ही है. 

US-Iran War और Hormuz Strait Closure की वजह से चीन में तेल-गैस संकट गहराया है, तो वहीं डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी ने ड्रैगन की टेंशन को चरम पर पहुंचा दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट की मानें, तो ट्रंप ने चीन से दो टूक कह दिया है कि China को बड़ी परेशानियां होने वाली हैं, अगर वह ईरान को हथियारों की खेप भेजता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इसे अपनी सुरक्षा में एक बड़ी बाधा के रूप में देख रहा है.

चीन पर ट्रंप की टेढ़ी नजर
ईरान की खुद की सैन्य शक्ति भी अच्छी है, लेकिन उसे चीन और रूस जैसे देश जमकर हथियारों की सप्लाई भी करते हैं. रिपोर्ट्स की मानें, तो चीन ईरान से फिलहाल खुले तौर पर बड़ी आर्म्स डील करने से बचता है. UN के प्रतिबंधों के बाद ये सप्लाई कुछ धीमी पड़ी है. हालांकि, करीब 1 दशक बाद ईरान पर यूएन के प्रतिबंध खत्म हुए, लेकिन अमेरिका के सेकेंडरी सैंक्शन लागू हो गए.

Advertisement

इसकी वजह से कोई देश खुले तौर पर उसे हथियार नहीं बेचता. भले ही डायरेक्ट सौदे के जरिए चीन ईरान को हथियार नहीं बेच रहा, लेकिन कई तरीकों से हथियारों की खेप पहुंचती है और इसी पर ट्रंप की टेढ़ी नजर है, चीन को लेकर ट्रंप की धमकी भी इसी ओर इशारा करती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement