रुपया फिर धड़ाम... कल आया था ट्रंप का बयान, PM मोदी की अपील से भी कनेक्शन

ईरान जंग पर ट्रंप द्वारा फिर से जंग शुरू होने के संकेत देने के बाद तेल की कीमत में बड़ी उछाल देखने को मिली, जिसके बाद रुपया रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंच गया.

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रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर रुपया. (Photo: AI/ChatGPT) रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर रुपया. (Photo: AI/ChatGPT)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

तेल और गोल्‍ड लिंक डॉलर में लगातार तेजी के कारण भारतीय रुपया दबाव में कारोबार कर रहा है और अब रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंच गया है. 12 मई को बाजार खुलने पर रुपया डॉलर के मुकाबले 95.50 के नए निचले स्तर पर आ गया. 

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ईरान के प्रस्‍ताव को ठुकराने और ट्रंप के रिएक्‍शन के बाद रुपये में गिरावट आई है. ट्रंप के बयान के बाद, ब्रेंट ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं और निवेशकों का मनोबल गिर गया, जिस कारण रुपये में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली. 

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वहीं पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की खपत और सोने की खरीद में संयम बरतने का निवेदन करने के बाद निवेशकों का मनोबल और भी कम हो गया है, जिस कारण गोल्‍ड लिंंक्‍ड डॉलर में तेजी आई है. इसके अलावा, आरबीआई के हस्‍तक्षेप के बाद भी मुद्रा में गिरावट की संभावना दिख रही है.

रुपया डॉलर के मुकाबले 19 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.50 पर खुला, जबकि पिछला सत्र 95.31 पर बंद हुआ था. पिछले सप्ताह ही रुपया 95.43 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया था. 

लंबे समय तक चलेगी जंग 
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति लगातार डांवाडोल होती जा रही है, क्योंकि वाशिंगटन ने तेहरान के शांति प्रस्ताव पर दी गई प्रतिक्रिया को खारिज कर दिया है, जिसका मतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक व्यवधान बना रहेगा. ट्रंप ने जंग की अवधि को लेकर नए सिरे से जंग का संकेत दिया है, जिससे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई. 

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तेल की कीमत भी नहीं होगी कम 
भारत कच्‍चे तेल का लगभग 85 फीसदी आयात करता है. ऐसे में भारत के लिए तेल में कोई राहत नजर नहीं आ रही है, क्‍योंकि लंबे समय से कच्‍चे तेल की कीमत 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई है और जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही बनी रह सकती हैं. 

रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल निर्यात में व्यवधान के कारण बाजार में स्थिरता की वापसी 2027 तक विलंबित हो सकती है, जिससे प्रति सप्ताह लगभग 100 मिलियन बैरल तेल का नुकसान होगा. 

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट 
इधर, रुपया गिरने के साथ ही शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्‍स 830 अंक टूटकर 75188 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 230 अंक टूटकर 23580 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी बैंक में भी 560 अंकों की गिरावट आई थी. 
 

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