अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) का चौतरफा असर देखने को मिल रहा है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत कई देशों में तेल-गैस संकट गहरा गया. सबसे करारी चोट चीन को लगती नजर आई है और यही कारण है कि China खुलकर ईरान का समर्थन करता भी दिखा.
अब चीन पर चोट के आंकड़े भी आने लगे हैं, जो जंग से ग्रोथ पर बुरे असर के बारे में तस्वीर साफ कर रहे हैं. अमेरिका-ईरान जंग को लेकर अनिश्चितता से चीन की एक्सपोर्ट ग्रोथ मार्च में बेहद धीमी (China Export Growth Fall) हो गई है और व्यापार संतुलन गड़बड़ा गया है, जो ड्रैगन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
चीन की टेंशन बढ़ाने वाले आंकड़े
अमेरिका-ईरान युद्ध से चीन बिलबिला रहा है. ऐसा हो भी क्यों न आखिर China Economy के लिए एक के बाद एक बुरी खबरें जो आ रही हैं और इनकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट युद्ध व होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना है. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में चीन का एक्सपोर्ट एक साल पहले के मुकाबले बढ़ा, लेकिन शुरुआती दो महीनों के मुकाबले काफी धीमा रहा.
China Export Growth में ये गिरावट ईरान युद्ध और एनर्जी की कीमतों के साथ ग्लोबल डिमांड पर विपरीत असर को दर्शाती है. चीन की कस्टम एजेंसी द्वारा मंगलवार को जारी किया गया मार्च का एक्सपोर्ट डेटा विश्लेषकों द्वारा जताए जा रहे अनुमान से कम रहा और ये जनवरी और फरवरी में दर्ज 21.8% एक्सपोर्ट ग्रोथ से काफी कम है.
बता दें कि मार्च 2026 में चीन के निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 2.5% की वृद्धि हुई, जो 8.3% की उम्मीद से कम रही. यह आंकड़ा 2025 की शुरुआत के बाद से चीन की निर्यात वृद्धि की सबसे धीमी दर को दर्शाता है. दूसरी ओर, चीन के आयात में मार्च में 27.8% की भारी वृद्धि हुई, जो 11.1% की वृद्धि की उम्मीदों से कहीं अधिक थी.
ट्रेड सरप्लस पर भी पड़ी मार
सीमा शुल्क आंकड़ों पर नजर डालें, तो मार्च में चीन का व्यापार संतुलन घटकर 51.13 अरब डॉलर के अधिशेष पर आ गया. यह आंकड़ा 107.50 अरब डॉलर के व्यापार अधिशेष (China Trade Surplus) की उम्मीदों से कमजोर है और पिछले महीने के 213.62 अरब डॉलर के अधिशेष से काफी कमजोर रहा.
रिपोर्ट की मानें, तो ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम पर चीन से सेमीकंडक्टर के शिपमेंट में उछाल समेत टेक्नोलॉजी से जुड़े एक्सपोर्ट ने 2026 की शुरुआत में मजबूत एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया है. लेकिन इकोनॉमिस्ट का कहना है कि लंबे समय तक चले ईरान युद्ध ने खेल पलट दिया और इसके असर से इस साल चीनी एक्सपोर्ट की ओवरऑल ग्लोबल डिमांड पर असर पड़ सकता है.
आजतक बिजनेस डेस्क