LPG का नया ऑप्‍शन... अब कोयला से बनेगा गैस, सरकार ने ₹37500Cr किए मंजूर!

सरकार ने एक बड़े प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी है, जिसके तहत अब भारत में कोयला से गैस बनाया जाएगा. साथ ही उसी कोयले से उर्वरक भी बनाया जाएगा.

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कोयला से गैस बनाने वाले प्रोजेक्‍ट के लिए इंसेंटिव अप्रूव. (Photo: File/ITG) कोयला से गैस बनाने वाले प्रोजेक्‍ट के लिए इंसेंटिव अप्रूव. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

वेस्‍ट एशिया में तनाव के कारण एनर्जी संकट का खतरा बना हुआ है, जिससे निपटने के लिए सरकार कई उपाए कर रही है. साथ ही तेल और गैस के विकल्‍प की भी तलाश  रहा है. इसके अलावा, घरेलू स्‍तर पर एनर्जी की भी खोज जारी है. सरकार एनर्जी के लिए इथेनॉल, कोयला और इलेक्ट्रिकसिटी को प्राथमिकता देना भी शुरु कर दिया है. 

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इन सभी चीजों के बीच, कैबिनेट बैठक में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसे गैस के विकल्‍प के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट के बैठक में कोयला से गैस बनाने के प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी गई है और इसके लिए 37500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. 

इस योजना से क्‍या होगा लाभ? 
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपाय और एनर्जी सुरक्षा प्रयासों के बीच, मंत्रिमंडल ने एनर्जी, एग्री और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से संबंधित महत्वपूर्ण उपायों को मंजूरी दी है. कोयला गैसीकरण योजना का उद्देश्य घरेलू स्तर पर उत्पादित कोयले से गैस, यूरिया और केमिकलस के उत्पादन को बढ़ावा देना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है. 

कोयला होगा एनर्जी का विकल्‍प 
यह योजना स्थानीय कोयला संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने और आयातित ईंधनों पर निर्भरता को कम करने के लिए बनाई गई है. कोयले को सिंथेटिक गैस या सिन्गैस में बदलकर इसका उपयोग किया जाएगा. ईंधन के साथ-साथ केमिकल्‍स और उर्वरकों के लिए कच्‍चे माल के तौर पर यूज किया जा सकता है और साथ ही पारंपरिक कोयले के उपयोग की तुलना में कार्बन उत्‍सर्जन को कम करने में भी मदद मिलती है. 

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भारत के पास 400 साल का कोयला 
अश्विनी वैष्‍णव ने इस स्‍कीम के बारे में बताते हुए कहा कि गैस बनाने के लिए कोयले का इस्तेमाल किया जाता है. इसी कारण, जियो-पॉलिटिक्‍स टेंशन को ध्‍यान में रखते हुए 37,500 करोड़ रुपये Coal Gasification Scheme को मंजूर किया गया है. भारत में 400 साल का कोयला है और अब इसका यूज गैस बनाने के लिए किया जाएगा. 

यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार देर रात वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में भारी वृद्धि करने के हालिया कदम के बाद आया है. इन फैसलों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और नीतिगत बदलाव के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है.

सोने पर कितना आयात शुल्‍क
सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 10% मूल सीमा शुल्क और 5% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) लगाया है, जिससे प्रभावी कर 6% से बढ़कर 15% हो गया है. इस कदम का उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को कम करना है.

एमएसपी पर भी फैसला 
मंत्रिमंडल ने फसल खरीद को समर्थन देने और किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 2026-27 के खरीफ MSP के लिए 2.6 लाख करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूरी दी. 

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इसके अलावा, कनेक्टिविटी बढ़ाने और औद्योगिक विकास को समर्थन देने के लिए सरखेज-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल-लेन कॉरिडोर के लिए 20,665 करोड़ रुपये मंजूर किया है. 

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