Advertisement

बिज़नेस न्यूज़

ईरान युद्ध की पाकिस्तान पर मार, जानिए क्या-क्या करने को मजबूर!

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST
  • 1/6

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) जारी है और इसका असर दुनिया पर पड़ रहा है.  तेल-गैस संकट से जूझते पाकिस्तान (Pakistan Crisis) पर इस युद्ध की तगड़ी मार पड़ी है. पहले से बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे देश की सरकार ने एनर्जी सेफ्टी के लिए जहां आनन-फानन में कोरोना जैसे नियम लागू कर दिए थे. तो वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Pakistan Petrol-Diesel Price) में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी की, तो फिर उसमें कुछ कमी भी कर दी. इसके अलावा मंत्रियों की सैलरी कट (PAK Salary Cut) की टाइमलाइन को भी आगे बढ़ाया गया है. आइए पांच प्वाइंट में जानते हैं क्या-क्या करने को मजबूर है पाकिस्तान? (Photo: Reuters)

  • 2/6

कभी बढ़ाया बोझ, फिर दी राहत
होर्मुज बंद होने के चलते पाकिस्तान में तेल संकट गहरा गया था और शहबाज शरीफ सरकार ने एक के बाद एक कई बढ़ोतरी करते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया. बीते गुरुवार को पाकिस्तान में लगातार दूसरी बार Petrol-Diesel Price Hike का ऐलान करते हुए पेट्रोल को 43 फीसदी बढ़ाकर 321.17 रुपये से 458.41 रुपये प्रति लीटर किया गया, तो हाई स्पीड डीजल की कीमत 55 फीसदी या 184.49 रुपये बढ़ाते हुए 335.86 रुपये से 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी थी. 

ये बड़ा झटका देने के बाद सरकार ने अचानक अगले ही दिन इनकी कीमतों में कुछ कटौती का भा ऐलान कर दिया. शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती करते हुए इसे 378 रुपये प्रति लीटर कर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेट्रोल की नई कीमत कम से कम एक महीने तक स्थिर रहेगी. (Photo: Reuters)

  • 3/6

कर्ज का बोझ और ये बड़ा ऐलान
पहले से ही कर्ज के जाल में बुरी तरह पाकिस्तान को मिडिल ईस्ट युद्ध से पैदा हुए महंगाई संकट ने निपटने के लिए न चाहते हुए भी कई ऐसे फैसले लेने पड़ रहे हैं, जो सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ाने वाला है. बता दें कि तेल संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने राहत देते हुए अगले 30 दिन तक बस-ट्रेन बिल्कुल मुफ्त कर दिए हैं. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए सरकार ने आनन-फानन में ये कदम उठाया है.

PM ने कहा कि इस्लामाबाद में अगले 30 दिन तक सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट फ्री रहेगा. इस पर 35 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होंगे. इसके बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने भी पंजाब में ऑरेंज ट्रेन, बस सब फ्री करने के अलावा मोटरसाइकिल वालों को 20 लीटर पेट्रोल पर 100 रुपये की छूट और किसानों को डीजल पर सब्सिडी देने का वादा कर दिया. (Photo: Reuters)

Advertisement
  • 4/6

अब 6 महीने वेतन नहीं लेंगे मंत्री 
ईरान ने होर्मुज से जिन देशों के जहाजों की आवाजाही को मंजूरी देने की बात बीते दिनों कही थी, उनमें पाकिस्तान भी शामिल था. लेकिन इसके बाद भी देश में हालात संभलते नहीं दिखे हैं. पहले पेट्रोल-डीजल के दाम में तगड़ा इजाफा और फिर कुछ हद तक कमी करने के साथ ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह कहा कि संकट के समय में पहले कैबिनेट मंत्रियों की सैलरी कट का फैसला दो महीने के लिए लिया गया था, लेकिन अभ इसे छह महीने तक बढ़ा दिया गया है. पीएम शरीफ ने कहा कि ये फैसला इसलिए लिए गया है क्योंकि सरकार आम लोगों की मुश्किलों को जानती है. (File Photo)

  • 5/6

कोरोना जैसे उपाय लागू करने को मजबूर
पाकिस्तान पर मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते जो असर हुआ है, उसका अंदाजा इससे भी लगता है कि सरकार को कोरोना काल जैसे उपाय लागू करने को मजबूर होने पड़ा है. दरअसल, तेल संकट गहराने के साथ ही शहबाज शरीफ सरकार ने सरकारी गाड़ियों में 60% कटौती, सरकारी विभागों के गैर-जरूरी खर्च में 20% की कटौती, बैठकों को वर्चुअल करने का ऐलान किया था, जो अभी भी लागू है. (Photo: Reuters)

  • 6/6

PAK इकोनॉमी पर बड़ा संकट
Middle East War के चलते पाकिस्तान की पहले से बदहाल इकोनॉमी और संकट में जा रही है. बीते दिनों डॉन की रिपोर्ट में देश के पूर्व वित्त मंत्री हाफिज पाशा ने ही चेतावनी दे डाली थी कि अगर ये युद्ध जारी रहा और क्रूड प्राइस 100 डॉलर के पार बने रहे, तो Pakistan GDP पर 1-1.5% का निगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है. यही नहीं पेट्रोलियम आयात में इजाफे से अगले साल पाकिस्तान को 12-14 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है. अब सरकार फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे जो कदम उठा रही है, उससे इकोनॉमी पर बोझ और भी बढ़ने वाला है. हालांकि, ये उपाय एक महीने के लिए ही किए गए हैं. (Photo: Reuters)

Advertisement
Advertisement
Advertisement