बचाने गए और खुद बन गए शिकार... जहरीली गैस से भरे टैंक ने निगल ली 3 मजदूरों की जिंदगी

नवगछिया के खैरपुर कदवा गांव में सेफ्टी टैंक में दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि तीन मजदूरों में सबसे पहले श्रीलाल मंडल टैंक में उतरे थे, उन्हें बचाने जय नंदन मंडल और बमबम मंडल भी नीचे गए लेकिन तीनों बेहोश हो गए. इसके बाद ग्रामीणों ने दीवार तोड़कर तानों को बाहर निकाला. मगर, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई.

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.(Photo: Sujeet Kumar/ITG) परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.(Photo: Sujeet Kumar/ITG)

सुजीत कुमार

  • नवगछिया,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

बिहार के नवगछिया पुलिस जिला के खैरपुर कदवा गांव में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया. शौचालय के लिए बन रहे सेफ्टी टैंक में दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान बमबम मंडल, जय नंदन मंडल और श्रीलाल मंडल के रूप में हुई है. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सेफ्टी टैंक बनाने का काम चल रहा था. इसी दौरान श्रीलाल मंडल सबसे पहले टैंक के अंदर काम करने के लिए उतरे थे. कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए. आशंका जताई जा रही है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस भर गई थी या ऑक्सीजन की कमी हो गई थी.

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श्रीलाल मंडल को बचाने के लिए जय नंदन मंडल तुरंत टैंक के अंदर उतरे, लेकिन कुछ ही क्षण में वे भी बेहोश हो गए. इसके बाद तीसरे व्यक्ति के रूप में बमबम मंडल नीचे गए, मगर वे भी बाहर नहीं लौट सके. एक के बाद एक तीन लोगों के अंदर जाने से हालात और भयावह हो गए.

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बचाव की कोशिशें भी हुईं नाकाम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौथे व्यक्ति को रस्सी बांधकर नीचे उतारने की तैयारी की गई. हालांकि, जैसे ही उसे नीचे भेजने की कोशिश की गई, उसकी भी तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद ग्रामीणों ने आगे किसी को नीचे भेजने का जोखिम नहीं उठाया और प्रयास रोक दिए गए.

इसके बाद स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए टैंक की दीवार तोड़ने का फैसला किया. काफी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अस्पताल ले जाने से पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया.

घटना की जानकारी मिलते ही कदवा थाना सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ ओम प्रकाश और डीसीएलआर भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

परिजनों का आरोप और बयान

मृतक श्रीलाल मंडल के बेटे श्रीराम कुमार ने बताया कि शौचालय की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था और सभी मजदूर उसी काम के लिए अंदर गए थे. उन्होंने कहा कि टैंक के अंदर गैस बन गई थी, जिसके कारण तीनों की मौत हो गई.

मृतक के भाई जितेंद्र कुमार ने बताया कि पहले एक व्यक्ति अंदर गया, फिर उसे बचाने दूसरा और तीसरा व्यक्ति गया, लेकिन कोई भी वापस नहीं लौट सका. बाद में ग्रामीणों ने टैंक की दीवार तोड़कर तीनों को बाहर निकाला और स्थानीय मुखिया सहित अन्य लोगों को घटना की सूचना दी. परिजनों का कहना है कि हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

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प्रशासन का आश्वासन, गांव में मातम

एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बताया कि खैरपुर कदवा चांय टोला में शौचालय टंकी का निर्माण हो रहा था, उसी दौरान दम घुटने से तीन लोगों की मृत्यु हो गई. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है.

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जो भी सरकारी लाभ और सहायता संभव होगी, वह पीड़ित परिवारों को मुहैया कराई जाएगी. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

एक साथ तीन मजदूरों की मौत ने इलाके को झकझोर कर रख दिया है और ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की मांग उठाई है.

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