कभी तेजस्वी, कभी राबड़ी पर हमलावर... लालू फैमिली पर पर्सनल क्यों हो जा रहे नीतीश?

बिहार विधानमंडल में बजट अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी को लड़की कहा तो उससे पहले तेजस्वी यादव को बच्चा कह चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि संसदीय राजनीति में नीतीश कुमार आखिर लालू परिवार पर इतना पर्सनल क्यों हो जाते हैं?

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लालू परिवार पर नीतीश कुमार पर्सनल क्यों हो जाते हैं. (Photo-ANI) लालू परिवार पर नीतीश कुमार पर्सनल क्यों हो जाते हैं. (Photo-ANI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

बिहार विधान परिषद में कानून व्यवस्था को लेकर आरजेडी नेता और पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सवाल उठाया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा. इस बात पर नीतीश कुमार भड़क गए और अपना आपा खो दिया. उन्होंने राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए कहा, 'ये कोई काम किया है, ई (राबड़ी देवी) जो लड़की है. इसके जो (लालू यादव) हट गए और कुछ दिन बाद तो इसी को (राबड़ी देवी) बना दिया. 

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नीतीश कुमार ने सोमवार को राबड़ी देवी को लड़की कहकर संबोधित किया तो उससे पांच दिन पहले तेजस्वी यादव पर ऐसे ही आपा खो दिया था. बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार अपनी सरकार की उपलब्धियां बता रहे थे तो तेजस्वी यादव ने जब टोका तो मुख्यमंत्री ने तेजस्वी से कहा, अरे पहले सुनो न… अरे तुम बच्चा है, बैठो-बैठो...हल्ला मत करो, चलो बैठो.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बच्चा कहते हैं तो विधान परिषद में राबड़ी देवी को लड़की कहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि लालू फैमिली पर नीतीश कुमार इतने पर्सनल क्यों हो जाते हैं और आखिर क्या वजह है?

राबड़ी देवी को नीतीश ने बताया लड़की
बिहार विधान परिषद में सोमवार को आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने दरभंगा में छह साल की बच्ची के दुष्कर्म के बाद हत्या का मुद्दा उठाया तो पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा देने की मांग उठाई. इसके बाद राबड़ी देवी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए. उन्होंने कहा कि 'जिन लोगों ने पहले कोई काम नहीं किया था, वे अब क्या बोल रहे हैं? आज तक किसी महिला को बढ़ाया है? हमारी सरकार में यहां बहुत काम किया जा रहा है. अब जो भी गड़बड़ करता है, उस पर कार्रवाई होती है.'

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नीतीश कुमार यहीं पर नहीं रुके. राबड़ी देवी को लेकर उन्होंने कहा कि 'ये कोई काम किया है, ई (राबड़ी देवी) जो लड़की है. इसके जो (लालू यादव) हट गए और कुछ दिन के बाद तो इसी को (राबड़ी देवी) बना दिया. ये लोग कोई काम किया है? ई जो तीनगो बोल रही है, सुनो...बोल रहे थे ई कोई काम किया है? आज तक किसी महिला को बढ़ाया है? आज तक कोई काम किया है? इन लोगों ने कोई काम नहीं किया है.

तेजस्वी यादव को नीतीश ने बताया बच्चा
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने में लगे हुए थे, जब बीच में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें टोका तो भड़क गए. नीतीश ने कहा कि मेरे साथ था तो ठीक था. लेकिन बाद में गड़बड़ करने लगा और पैसा कमाने लगा तो छोड़ दिए. उन्होंने कहा कि छह विधायकों को तोड़ने के लिए कितना पैसा खर्च कर रहे थे?

नीतीश के आरोप पर तेजस्वी यादव जवाब देने की कोशिश की तो नीतीश कुमार ने फिर उन्हें फटकार लगाते हुए कहा, 'अरे बैठो ना, तुम बच्चे हो. मैं तुम्हारे पिता के समय का हूं. मैं तुम्हें जानता हूं. मैंने तुम्हें बनाया है.' नीतीश कुमार की इतनी तल्ख तेज टिप्पणियों के बावजूद तेजस्वी यादव मुस्कुराते हुए दिखे, क्योंकि पहली बार नहीं है जब नीतीश ने तेजस्वी को इस तरह से कहा है. वो कई बार विधानसभा में ऐसे ही तेजस्वी को कह चुके हैं.  

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लालू परिवार पर पर्सनल क्यों होते नीतीश
विधानसभा में तेजस्वी यादव प्रतिपक्ष के नेता हैं तो विधान परिषद में राबड़ी देवी नेता प्रतिपक्ष हैं. इसके बावजूद नीतीश कुमार क्यों तेजस्वी और राबड़ी के साथ इस तरह का व्यवहार करते नजर आते हैं. तेजस्वी को बच्चा कहने पर भले ही आरजेडी चुप रही हो, लेकिन पूर्व सीएम राबड़ी देवी को लड़की कहकर संबोधित किए जाने पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. आरजेडी ने नीतीश कुमार की टिप्पणी को अमर्यादित, असंसदीय और महिलाओं का अपमान बताया है.

नीतीश कुमार ने पहली बार लालू परिवार पर इतने पर्सनल नहीं हुए बल्कि आरजेडी के विपक्ष में रहते हुए तेजस्वी के संग उनका व्यवहार ऐसे ही रहा है. इसकी वजह यह रही है कि नीतीश कुमार और लालू यादव एक साथ राजनीति शुरू की थी. इन दोनों नेताओं के बीच रिश्ते बहुत अहम रहे हैं. लालू यादव उम्र और ताकत से भी बड़ा भाई बनने के हकदार थे. ऐसे में भले ही दोनों की राजनीतिक राह अलग-अलग हो गई, लेकिन नीतीश कुमार ने लालू को बड़े भाई का रुतबा बनाए रखा. 

1990 से 2005 तक के 15 सालों तक बिहार का बादशाह लालू परिवार रहा. 2005 से 2015 तक राजनीतिक वियावान में भटकता रहा. ऐसे में नीतीश कुमार ने बीजेपी की दोस्ती तोड़ी तो सिर्फ और सिर्फ लालू परिवार के कल्याण के लिए. 2015 में और फिर 2022 में तेजस्वी डिप्टी सीएम बने तो तेज प्रताप मंत्री. लेकिन सियासत ने करवट बदली और नीतीश बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया. 

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राबड़ी देवी के मुद्दे पर नीतीश पर हमलावर
नीतीश कुमार की नजर में तेजस्वी यादव की अहमियत भतीजे की तरह हैं तो राबड़ी देवी उनके लिए बड़े भाई लालू यादव की पत्नी के रूप में है. नीतीश कुमार के सम्मान को भी तेजस्वी ने अभी तक बनाए हुए हैं, लेकिन संसदीय राजनीति में ऐसा होता नहीं है. इसीलिए राबड़ी देवी को लड़की कहने पर विपक्ष ने नीतीश कुमार को संसदीय परंपरा की याद दिला दी. 

लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने लिखा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आदत बन चुकी है कि वे सदन और सार्वजनिक मंचों पर संसदीय मर्यादा लांघते हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि खासकर महिलाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री कई बार अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर चुके हैं.उन्होंने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री के पास तर्क और तथ्य कम पड़ जाते हैं, तब वो भाषा की सीमा पार कर जाते हैं. 

नीतीश कुमार के द्वारा बच्चा कहने पर चुप रहने वाले तेजस्वी यादव ने राबड़ी देवी के मुद्दे पर आक्रमक हो गए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान को महिलाओं के प्रति संकीर्ण सोच का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव बढ़ने पर शख्स मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है, जहां सिर्फ उसके स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा सकती है.

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तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को लड़की कहकर संबोधित करने वाले सीएम के बारे में क्या कहा जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बार-बार महिलाओं के प्रति नकारात्मक और दोषपूर्ण सोच का प्रदर्शन करते हैं.

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