नीतीश का इशारा, जेडीयू का इनकार...क्या सम्राट बन पाएंगे बिहार के नए चौधरी?

नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर लगी हैं कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा. नीतीश इन दिनों बिहार की यात्रा पर हैं, उन्होंने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर इशारा किया तो जेडीयू ने इनकार कर दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सम्राट बिहार के नए चौधरी बन पाएंगे?

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नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ कर दिया इशारा (Photo-PTI) नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ कर दिया इशारा (Photo-PTI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं और अब जल्द ही सीएम की कुर्सी छोड़ सकते हैं. राज्यसभा में जाने का फैसला करने के साथ ही उन्होंने 'बिहार यात्रा' शुरू कर दी थी. नीतीश ने बुधवार को जमुई जिले में बीजेपी नेता और डिप्टीसीएम सम्राट चौधरी की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'ये बिहार को देखेंगे और राज्य काफी प्रगति करेगा.' 

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नीतीश कुमार ने जुमई से पहले सहारसा में भी सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर सियासी संकेत दिया था. अब उन्होंने जमुई में जिस तरह से सम्राट चौधरी की तरफ इशारा किया, उसके बाद से यह कयास लगाए जाने लगे सम्राट ही बिहार के अगले चौधरी यानी मुख्यमंत्री होंगें. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे के बाद भी सम्राट चौधरी अगले सीएम के रूप में पेश किए जाने से जेडीयू इनकार कर रही है. बिहार सरकार में जेडीयू के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को अपने सियासी उत्तराधिकारी के रूप में पेश नहीं किया. ऐसे में सवाल उठता है कि सम्राट क्या बिहार के 'चौधरी' बन पाएंगे? 

बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीतिक दो दशक से नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है और सत्ता की कमान भी उन्हीं के हाथों में थी. अब राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. ऐसे में बिहार का अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा. बीजेपी ने अभी तक अपने नेता के नाम पर फाइनल मुहर नहीं लगाई है, लेकिन पार्टी के कई नेताओं के नाम सीएम की रेस में चल रहे हैं. 

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बीजेपी में डिप्टीसीएम सम्राट चौधरी से लेकर दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय सहित कई नेताओं के नाम संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चल रहे हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी बिहार के जातीय समीकरण को देखते हुए किसी ओबीसी चेहरे को सीएम बना सकती है. ऐसे में नीतीश कुमार ने बिहार के अगले सीएम का संकेत दे दिया है. 

नीतीश कुमार ने दिया इशारा
नीतीश कुमार ने बुधवार को समृद्धि यात्रा के तहत जमुई जिले के दौरे के दौरान डिप्टीसीएम सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा था, 'ये बिहार को देखेंगे और राज्य काफी प्रगति करेगा.' नीतीश ने सम्राट की तरफ इशारा कर कहा कि ये लोग कितना काम कर रहे हैं. आगे भी यही सब देखेंगे' इस दौरान सम्राट चौधरी मंच पर हाथ जोड़े खड़े रहे. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार सम्राट चौधरी के नाम के संकेत नहीं बल्कि इससे पहले 13 मार्च 2026 को सहरसा में इसी तरह के इशारे किए थे. नीतीश ने अपने भाषण के आखिर में सम्राट से कहा कि हाथ उठाकर सभी का नमन कीजिए. इसके बाद नीतीश कुमार  खुद सम्राट चौधरी के पास पहुंचे और उनके कंधे पर हाथ रखा और लोगों से कहा कि इन्हें बताइए कि काम हो रहा है. नीतीश कुमार इस बात को सम्राट चौधरी को नए सीएम बनने से जोड़कर देखा जा रहा है.

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जेडीयू के चौधरी ने किया इनकार
सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के सियासी उत्तराधिकारी के तौर पेश किए की अटकलों को जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने सिरे से खारिज कर दिया है. विजय चौधरी ने कहा कि मैं वहां (जमुई) मौजूद था, इसलिए सामने अपनी व्याख्या न करें.' विजय चौधरी ने ये जरूर स्वीकार किया कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के साथ ईमानदारी से काम कर रहे हैं.

विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ये पुरानी आदत रही है कि वो अपने सभी मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को प्रोत्साहित करते हुए कहते हैं कि वे आगे जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, जिसे आप लोग नया संकेत मान रहे. इस तरह से जेडीयू ने साफ कर दिया है कि नीतीश ने अभी किसी को अपना उत्तराधिकारी नहीं चुना, मुख्यमंत्री हमेंशा ऐसा करते रहते हैं.

सम्राट कैसे बनेंगे बिहार के नए चौधरी
बिहार सरकार में डिप्टीसीएम और बीजेपी के ओबीसी चेहा सम्राट चौधरी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि नीतीश सरकार में नंबर-2 की पोजिशन है. इसके अलावा आक्रमक अंदाज में राजनीति करने के लिए उन्हें जाना जाता है. बिहार के जातीय समीकरण में भी पूरी तरह से सम्राट चौधरी फिट बैठते हैं. संगठन और सरकार दोनों का उनके पास अनुभव है, जिसे चलते उन्हें बिहार के नए सीएम के रूप में देखा जा रहा है. 

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सम्राट चौधरी के सहारे लव-कुश समीकरण को बीजेपी साध सकती है. सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं जबकि नीतीश कुमार कुर्मी हैं. इन दोनों जाति को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है. नीतीश इसी समीकरण के सहारे लंबे समम से राज कर रहे हैं, लेकिन सम्राट की राह में सबसे बड़ी मुश्किल है कि उनका मूल सियासी बैकग्राउंड बीजेपी नहीं रही. इतना ही नहीं संघ की राजनीति से भी नहीं निकले. 

सम्राट चौधरी ने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज आरजेडी से किया है, वे विधान परिषद सदस्य रहे हैं. यही नहीं रबड़ी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. इसके अलावा सम्राट चौधरी की लोकप्रिया पूरे बिहार में नहीं है. सम्राट के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भी कोइरी जाति का वोट आरजेडी को मिला है.हालांकि, सम्राट को बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का करीबी माना जाता है, जिसके चलते उनके किस्मत की लॉटरी लग सकती है.

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