3 नाबालिग बच्चों की बलि देनी थी? किडनैप कर मंदिर ले गया तांत्रिक गिरफ्तार, बैग में मिला छुरा और...

बिहार के मनेर में पूजा के बहाने तीन नाबालिग बच्चों के अपहरण का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया. कथित तांत्रिक बच्चों को मंदिर ले जा रहा था, लेकिन एक बच्चे की सूझबूझ और ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया. आरोपी के बैग से छुरा मिलने के बाद अनहोनी की आशंका और गहरा गई है.

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बचाए गए किडनैप हुए 3 नाबालिग बच्चे (Photo: itg) बचाए गए किडनैप हुए 3 नाबालिग बच्चे (Photo: itg)

aajtak.in

  • मनेर,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

बिहार के मनेर प्रखंड के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. गौशाला वार्ड संख्या-02 से तीन नाबालिग बच्चों के कथित अपहरण और उन्हें पूजा के बहाने मंदिर ले जाने की घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया. गनीमत रही कि परिजनों की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता से तीनों बच्चों की जान बच गई और आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया.

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परिजनों के मुताबिक, रविवार शाम करीब सात बजे एक अज्ञात व्यक्ति गौशाला गेट के पास पहुंचा, जहां 16 वर्षीय रोहित कुमार, 13 वर्षीय मिथुन कुमार और 8 वर्षीय रघु कुमार खेल रहे थे. आरोपी ने खुद को धार्मिक व्यक्ति बताते हुए बच्चों को कुमारखंड प्रखंड स्थित लक्ष्मीपुर चंडी स्थान मंदिर में पूजा कराने की बात कही. बच्चों ने जब उसके साथ जाने से इनकार किया तो आरोपी ने जबरन उन्हें ई-रिक्शा में बैठा लिया और मंदिर की ओर ले गया.

इसी दौरान सूझबूझ दिखाते हुए रोहित कुमार ने अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन को कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दे दी. सूचना मिलते ही परिजन बिना देर किए टोटो चालक के साथ बच्चों की तलाश में निकल पड़े. तलाश करते हुए वे लक्ष्मीपुर चंडी स्थान पहुंचे, जहां स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आरोपी को बच्चों के साथ पकड़ लिया गया.

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ग्रामीणों ने जब आरोपी के बैग की तलाशी ली तो उसमें एक छुरा और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ. इसके बाद बच्चों की बलि दिए जाने की आशंका जताई जाने लगी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. सूचना मिलने पर कुमारखंड पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया. आरोपी को बाद में मुरलीगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया.

पूछताछ में आरोपी ने खुद को 46 साल का कन्हैया कुमार बताया और खुद को बेगूसराय जिले के तेगरहा पुरानी बाजार का निवासी बताया. आरोपी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि वह वर्षों से मोतियों की माला बेचने का काम करता है और पूजा-पाठ में उसकी गहरी आस्था है. उसने यह भी कहा कि बच्चों के प्रति स्नेह के कारण ही वह उन्हें मंदिर ले गया था और उसके पास जो चाकू था, वह सब्जी काटने के लिए इस्तेमाल होता है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. बच्चों के बयान और बरामद सामान के आधार पर आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है. 

Input: मुरारी कुमार सिंह


 

 

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